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UP: बैंक से लिया कार लोन, चुकाना न पड़े इसलिए अपनाया ये तरीका; 24 साल बाद पकड़ा गया आरोपी

Thu, 26 Feb 2026 08:21 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

बैंक में फर्जी कागज लगाकर कार लोन लिया। इसके बाद वो दिल्ली चला गया। वहां टैक्सी चलाने लगा। 24 साल बाद आरोपी को पुलिस ने उसकी पत्नी की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। 
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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 फर्जी कागजात की मदद से बैंक से 8 लाख रुपये का कार लोन लेकर भाग जाने वाला शख्स दिल्ली में छिपा था, वहां वह टैक्सी ड्राइवर बन गया था। आरोपी से विवाद होने पर अचानक उसकी पत्नी आगरा रहने आ गई। उसकी मदद से न्यू आगरा पुलिस ने आरोपी को मंगलवार को आईएसबीटी से दबोच लिया। उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
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डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि 24 साल पहले थाना न्यू आगरा क्षेत्र के एक बैंक से कार खरीदने के नाम पर फर्जी कागजात लगाकर लोन लिया गया था। किस्त अदा नहीं होने पर बैंक ने जांच की। इसमें फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। मामले में कार लोन लेने वाले आवास विकास काॅलोनी, सिकंदरा निवासी प्रवीण के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

 

पुलिस के गिरफ्तार करने से पहले प्रवीण पत्नी और दो बच्चों के साथ भाग गया। पुलिस गिरफ्तारी के लिए पहुंची तो पता चला कि वह किराये के मकान में रहता था। सामान आदि लेकर चला गया है। इसके बाद पुलिस उसका सुराग नहीं लगा सकी। पुलिस ने कोर्ट में रिपोर्ट दे दी। इस पर उसके खिलाफ वर्ष 2005 में मफरूरी (फरार हो जाना, पकड़ की डर से छिप जाना) में आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया। उस पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित हुआ।
 
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हाल ही में पुलिस को पता चला कि आरोपी की पत्नी और बच्चे सिकंदरा क्षेत्र में किराये पर मकान लेकर रह रहे हैं। इस जानकारी पर पुलिस पहुंच गई। पत्नी ने बताया कि पति अक्सर धोखाधड़ी कर रहा था। इस कारण वो उससे अलग हो गई है। पुलिस ने आरोपी को आईएसबीटी से पकड़कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।



 
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