बलिदानी कैप्टन शुभम गुप्ता के पिता डीजीसी बसंत गुप्ता ने शनिवार को 50 लाख रुपये के चेक मामले में एक वीडियो जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि चेक लेते समय कैप्टन शुभम की मां भावुक हो गईं थीं। इस मामले में अब अनावश्यक टीका-टिप्पणी बंद होनी चाहिए।
सर, आपका बेटा बहुत ही बहादुर था। उसने दुश्मनों का सीधे मुकाबला किया। आपने बेटा और सेना ने अपना जांबाज अफसर खो दिया है। ये कहते हुए बलिदानी के पिता को रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने रक्षामंत्री का पत्र सौंपा और सलामी दी।
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दोपहर करीब 12 रक्षा मंत्रालय और 9 पैरा के अधिकारी बलिदानी कैप्टन शुभम गुप्ता के घर पहुंचे। तस्वीर के साथ शोकाकुल पिता बसंत गुप्ता और परिजन से मिले और कैप्टन की बहादुरी के बारे में बताया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की ओर से संवेदना पत्र सौंपा।
बलिदानी के पिता बसंत गुप्ता ने बताया कि सेना के अधिकारियों ने यही कहा कि एक सैनिक बनाने में सेना का काफी समय और परिश्रम लगता है। खासकर कमांडो अफसर का जाना सेना के लिए बड़ी क्षति है। इसके बाद सेना के पूर्व अधिकारी और कैप्टन शुभम के जूनियर और सीनियर साथी भी शोक संवेदनाएं देने पहुंचे।
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कुआंखेड़ा में बेटे का स्मारक चाहते हैं परिजन
- बलिदानी के पिता बसंत गुप्ता ने कहा कि मेरे बेटे ने देश की रक्षा के लिए प्राण गवाएं हैं। मैं चाहता हूं कि पैतृक गांव कुआंखेड़ा में शहीद स्मारक बने, जिससे युवा प्रेरणा लें और देशभक्ति की भावना और मजबूत बने। अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम और शहर की प्रमुख सड़क का नामकरण बेटे के नाम से कराने की शासन ने संस्तुति भी की है, लेकिन अभी प्रशासन से इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। घर में भी किसी सड़क के नाम पर चर्चा नहीं हो पाई है।
कलाकृति में शोक संवेदनाएं आज
- बलिदानी के पिता ने बताया कि कैप्टन शुभम गुप्ता की स्मृति में फतेहाबाद रोड स्थित कलाकृति मैदान में शोक संवेदनाओं के लिए रविवार को सभा रखी है। सभा दोपहर 2 से 3 बजे तक संचालित होगी। इसमें शहर और आसपास के लोग कैप्टन को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
पिता बोले- भावुक हो गईं थी कैप्टन शुभम की मां
बलिदानी कैप्टन शुभम गुप्ता के पिता डीजीसी बसंत गुप्ता ने शनिवार को 50 लाख रुपये के चेक मामले में एक वीडियो जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि चेक लेते समय कैप्टन शुभम की मां भावुक हो गईं थीं। इस मामले में अब अनावश्यक टीका-टिप्पणी बंद होनी चाहिए।
शनिवार को जारी वीडियो संदेश में पिता ने कहा कि कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और विधायक डॉ. जीएस धर्मेश परिवार को ढांढस बंधाने और योगीजी का संदेश लेकर आए थे। मैंने स्वयं और परिजन ने शहीद की मां पुष्पा देवी को बाहर बुलाया था। वह तीन दिनों से रोये जा रहीं थीं।
कष्ट में थीं। हमने उन्हें बाहर बुलाया और दिखाया कि पूरा शहर बेटे की शहादत को नमन करने आया है ताकि उनका मन बेटे के शौर्य को देखकर ठीक हो जाए। तभी चेक प्रदान किए गए। जो टिप्पणी की जा रही हैं, वो उचित नहीं है। उनकी अपील है कि अनावश्यक टीका-टिप्पणी बंद होनी चाहिए।