लोअर सिंचाई खंड के आगरा व इटावा क्षेत्र में 10 से 31 अक्तूबर तक 22 दिन नहरें बंद रहेंगी। सिंचाई के लिए इनमें पानी नहीं छोड़ा जाएगा। इस दौरान नहर व माइनर की सिल्ट सफाई होगी। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एसएस गिरी के मुताबिक, आगरा जिले में 600 किमी. से अधिक लंबाई में 70 नहर व माइनर हैं।
उन्होंने किसानों, प्रधानों व जनप्रतिनिधियों से अपने क्षेत्र में नहर सफाई कार्यों का निरीक्षण करने के लिए कहा है। नहर सफाई में गड़बड़ी की शिकायत के लिए कंट्रोल रूम नंबर जारी किया गया है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कोई भी 9458095419 पर शिकायत कर सकता है। नहरों की सिल्ट सफाई की वीडियोग्राफी भी होगी।
पानी चुराना कैनाल एक्ट में अपराध
नहर किनारे अवैध रूप से ट्रॉली, मोटर पंप रखकर पाइप लाइन से पानी चुराने वालों पर सिंचाई विभाग एफआईआर कराएगा। जुर्माना भी वसूला जाएगा। अधिशासी अभियंता ने बताया कि अवैध ढंग से नहर से पानी निकालना कैनाल एक्ट के तहत अपराध है। अवैध कुलावा के कारण नहरों का पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता। सिल्ट सफाई के दौरान इंजीनियर व सींचपाल अवैध कुलावों की जांच करेंगे।
160 किमी. लंबी है आगरा कैनाल
मथुरा और आगरा में एक लाख हेक्टेयर से अधिक फसलों की सिंचाई के लिए ब्रिटिश काल में ओखला बैराज से आगरा तक 100 मील लंबी आगरा कैनाल बनाई गई थी। इसकी लंबाई 160 किमी. है। 4000 क्यूसेक क्षमता वाली इस कैनाल से मथुरा के अलावा आगरा से लेकर इटावा क्षेत्र तक नहरों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता है।