नहरों की सिल्ट सफाई में बह गए 90 लाख, फिर भी कट रहीं माइनर
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में लगभग 450 किलोमीटर नहरों एवं माइनरों का जाल है। इसकी सिंचाई विभाग की ओर से लगभग 90 लाख रुपये में ई टेंडरिंग कराकर सिल्ट साफ कराई गई। किसानों का कहना है कि सिल्ट सफाई का कार्य अच्छे से नहीं किया गया है। इस वजह से जहां भी खंदी कमजोर होती हैं वहीं से कट जाती हैं। पांच दिनों में ही दो माइनरों में दो स्थानों पर अलग अलग कटान होने से सैकड़ों बीघा फसलों को नुकसान हुआ है।
गेहूं व लाह की फसल हुई बर्बाद
हमीरपुर के किसान बंटू राजपूत ने कहा कि हमारे पास 28 बीघा खेती है। इन खेतों में गेहूं एवं लाह की फसल खड़ी थी। जिसमें माइनर कटान से पानी भर गया और पूरी फसल बर्बाद हो गई है। दुष्यंत ने कहा कि मेहनत और लागत लगाकर 10 बीघा में आलू, गेहूं एवं जौं की फसल तैयार की। जिसमें बाछमई मानइर के कटान के कारण फसलें जलमग्न हो गई और सभी फसलें बर्बाद हो गई।
किसान रामसेवक ने कहा कि माइनर के कटने से हमारे 15 बीघा गेहूं की फसल पानी भर गया। खेत में जलभराव रहने से फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। सभी किसानों को नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिलाया जाए। सिढ़पुरा की रामबेटी ने कहा कि हमने जैसे तैसे कर 6 बीघा खेतों में लाह एवं गेहूं की फसल की थी। जिससे खासी उम्मीद थी। लेकिन माइनर कटान ने बर्बाद कर दिया। जिला प्रशासन को नुकसान का मुआवजा देना चाहिए।
सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता अरूण कुमार ने बताया कि जहां से भी खंदी कटने की सूचना विभाग को मिली है, वहां खंदियों को बंद कर दिया गया है। यदि कोई परेशानी है तो किसान संपर्क करें। उनकी समस्याओं का निदान किया जाएगा।