हाथियों के साथ जस्टिन ट्रूडो और उनका परिवार
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माया, बिजली और लक्ष्मी पर हुए जुल्म की दास्तां सुनते-सुनते भावुक हो गए कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो। ये वही हाथी हैं जिनसे भीख मंगवाई जा रही थी।
सर्कस में एक हाथी की तो आंख फोड़ दी गई थी। यह सब सुनकर प्रधानमंत्री की पत्नी की तो आंख भर आई। हाथियों को दुलारते हुए संरक्षण के प्रयासों को सराहा।
आगरा-दिल्ली हाईवे पर चुरमुरा में स्थित हाथी संरक्षण केंद्र पर रविवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूूडो पत्नी और बच्चों के साथ पहुंचे थे। करीब 50 मिनट तक वह हाथियों के बीच रहे।
हाथी संरक्षण केंद्र में 21 हाथी हैं, जिनमें नौ नर हैं और 12 मादा। इन सभी हाथियों को देश के अलग-अलग राज्यों से मुक्त कराकर यहां लाया गया है। कनाडा के प्रधानमंत्री ने भी संरक्षण केंद्र के अफसरों से हाथियों के बारे में जाना।
केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि इनमें कई हाथियों से भीख मंगवाई जा रही थी तो कुछ सर्कस में काम कर रहे थे। मादा हाथी माया की एक आंख तक खराब कर दी गई है।
सर्कस में अपने इशारों पर काम कराने के लिए उस पर धारदार हथियार से वार किए जाते हैं। माथे पर जख्म बना हुआ था। बिजली को आगरा से मुक्त कराया गया था।
कई जगह थे चोट के निशान
उस हाथी को लेकर भी कुछ लोग भीख मांग रहे थे। लक्ष्मी को महाराष्ट्र से लाया गया था। लक्ष्मी के शरीर पर भी कई जगह चोट के निशान थे।
कनाडा के प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी ने जब हाथी के शरीर पर बने जख्मों के बारे में पूछा तो उन्हें बताया गया कि हाथी को काबू में करने के लिए लोग जख्म बना देते हैं।
यहां इन सभी का इलाज किया जा रहा है। हाथी संरक्षण केंद्र के अफसरों ने बताया कि प्रधानमंत्री हाथियों के बारे में जानकारी करते-करते भावुक हो गए थे। बोले, भारत में हाथियों पर जुल्म नहीं होने चाहिए। बाद में दोनों ने हाथियों को खूब दुलारा।