आगरा में इनर रिंग रोड योजना में विकास प्राधिकरण को बड़ा झटका लगा है। योजना के पहले चरण में टोल वसूल रही संस्था ने टोल टैक्स वसूली की प्रक्रिया से हाथ खड़े कर दिए हैं।
संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि विकास प्राधिकरण दो पहिया वाहनों को टोल फ्री करे अन्यथा संस्था टोल प्लाजा का संचालन नहीं कर पाएगी।
इनर रिंग रोड टोल टैक्स वसूली का ठेका महाराष्ट्र की एक संस्था को मिला था। संस्था ने करीब छह करोड़ रुपये सालाना की बोली लगाई थी। टोल टैक्स की वसूली प्रारंभ होते ही वहां विवाद खड़ा हो गया।
इनर रिंग रोड के लिए जमीन देने वालों किसानों ने टोल वसूली का विरोध कर दिया और दोपहिया वाहनों को टोल फ्री करने की मांग शुरू हो गई। कुछ ग्रामीणों ने टोल कर्मियों से मारपीट भी कर दी।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन कोई हल नहीं निकला है। टोल वसूली में लगी संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि टोल प्लाजा पर आए दिन झगड़े हो रहे हैं।
दो पहिया चालक किसी भी हालत में टोल देने को तैयार नहीं है। रात के समय सड़क पर 15-20 बाइक सवारों का ग्रुप आता है टोल कर्मियों से झगड़ा करता है। इससे कर्मचारी परेशान हैं।
ये कहा संस्था ने
संस्था के पदाधिकारी ने एडीए अधिकारियों से कहा कि या तो प्राधिकरण दो पहिया वाहनों को टोल फ्री कर दे अन्यथा संस्था को टोल टैक्स वसूली का करार रद्द करना पड़ेगा।
सचिव हरीराम का कहना है कि इस आशय का पत्र उन्हें मिला है। इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वार्ता के बाद ही कुछ तय हो पाएगा।