प्रश्नपत्र जेब में रखकर उत्तर लिख रहे थे परीक्षार्थी
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यूपी बोर्ड परीक्षा में पर्चियों से कम और बोलकर अधिक नकल कराई जा रही है। मंगलवार को इंटरमीडिएट की अंग्रेजी प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा के दौरान जीआईसी प्रिंसिपल डा. धर्मेंद्र शर्मा के दस्ते ने मां दुर्गा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गढ़ी हज्जाम का निरीक्षण किया। सभी कापियों में उत्तर एक ही तरीके से लिखे गए थे। तलाशी में कई परीक्षार्थियों की जेब में प्रश्नपत्र रखा हुआ मिला।
परीक्षा केंद्र पर पहुंचने का रास्ता भी ठीक नहीं था। अंग्रेजी प्रश्नपत्र की कापियों की स्पेशल स्क्रीनिंग कराने और विद्यालय को भविष्य में केंद्र न बनाए जाने की संस्तुति की गई है। बादामी देवी उमावि टेढी बगिया तक पहुंचने में उड़नदस्ते को परेशानी हुई, रास्ता खराब था। वहीं कुंवर रूपेंद्र सिंह इंटर कालेज, फाउंड्री नगर के पीछे फैक्ट्री थी, उसका रास्ता स्कूल की ओर खुला था। दोनों विद्यालयों को भविष्य में केंद्र न बनाए जाने की संस्तुति की गई है। सह जिला विद्यालय निरीक्षक अर्चना गुप्ता को आशाराम इंटर कालेज शमसाबाद और बुद्धसेन इंटर कालेज में सभी परीक्षार्थियों की कापियों में उत्तर एक ही तरह से लिखे हुए मिले। दोनों केंद्रों की कापियों की स्पेशल स्क्रीनिंग के लिए लिखा गया है।
हाईस्कूल की रोलनंबर लिखी कापी मिली
आगरा। जिला विद्यालय निरीक्षक दिनेश कुमार यादव के उड़नदस्ते को जेएस उ.मा.वि., ताहरपुर, सैंया में हाईस्कूल चित्रकला की कापी आलमारी के नीचे छिपाकर रखी हुई मिली। उस पर रोलनंबर भी अंकित था। संबंधित रोलनंबर की कापी बदले जाने की संभावना जताई गई। केंद्र व्यवस्थापक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। यहां भी अंग्रेजी की परीक्षा में परीक्षार्थियों की कापियों में उत्तर एक जैसे हुए लिखे मिले। बाबूलाल मेमोरियल स्कूल बाद में परीक्षार्थियों की कापियों में उत्तर एक जैसे लिखे थे। कापियों का रिकार्ड मेंटेन नहीं था। अंग्रेजी प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा निरस्त करने और केंद्र को डिबार करने की संस्तुति की जाएगी। वहीं केदारनाथ उ.मा.वि. कबूलपुर - बी कापी रिकार्ड से अधिक मिली।
नहीं दिखाई गई अनुपस्थिति
गौतम ऋषि इंटर कालेज में पहली पाली में समाजशास्त्र द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा के दौरान सुबह 8:50 बजे एडीआईओएस अर्चना गुप्ता ने निरीक्षण किया। यहां परीक्षार्थियों की अनुपस्थिति अंकित नहीं पाई गई। कक्ष संख्या छह के कक्ष निरीक्षक के पास परिचय पत्र नहीं पाया गया। केंद्र व्यवस्थापक से स्पष्टीकरण मांगा गया।