उन्होंने कहा कि एसटीएफ की जांच में अवैध शस्त्र का बड़ा कारोबार सामने आया है। इन शस्त्रों को देश- विदेश में भेजने की भी चर्चा है। एफआईआर के अनुसार, कई पत्रावलियां जिलाधिकारी के कार्यालय से गायब कर दी गई हैं। अभियुक्त रसूखदार हैं। केस की विवेचना इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को दी गई है। आरोपी बचने के लिए हर संभव कोशिश कर सकते हैं। इसलिए विवेचना एसीपी रैंक के अधिकारी को दी जाए। सभी आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाए।
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आय से अधिक संपत्ति की भी होगी जांच
एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक, नामजद आरोपियों की संपत्ति की भी जांच हो सकती है। अवैध शस्त्र खरीदने के लिए ऑनलाइन और चेक से कोई भुगतान नहीं किया गया। आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में नकदी में रकम देने की बात स्वीकार की थी। नामजदों पर जमीनों के कब्जे में शामिल होने के आरोप भी हैं।
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