नए दोपहिया खरीदते हैं तो उस पर 700 रुपये और चार पहिया पर 2500 रुपये आरटीओ के नाम फर्जी तरीके से वसूले जाते हैं। यदि ये पैसे आपसे भी कोई मांगता है, तो देने की बिलकुल भी जरूरत नहीं है।
नया वाहन खरीदने के समय कई वाहन एजेंसी ग्राहकों से आरटीओ के नाम पर फर्जी टैक्स की वसूली करने में लगे हैं। यह टैक्स वाहन की फाइल तैयार कराने के नाम पर लिया जा रहा है। दोपहिया पर 700 और चार पहिया वाहन पर 2500 रुपये तक ग्राहकों से जमा कराते हैं। जबकि फाइल का सारा काम ऑनलाइन है।
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रावतपाड़ा निवासी बंटी गुप्ता ने अपने बेटे के लिए दोपहिया वाहन भगवान टॉकीज स्थित एजेंसी से खरीदा। जब बिल भरने का समय आया तो 700 रुपये का हिसाब नहीं दिया गया। उन्होंने इस पर सवाल किया, तो वाहन की फाइल तैयार करने का खर्चा बताया गया। इसकी रसीद मांगी तो देने से मना कर दिया।
कमला नगर निवासी प्रशांत सिंह से चार पहिया वाहन खरीदने पर फाइल खर्च के नाम पर 2500 रुपये जमा करा लिए गए। जबकि नए वाहन के सभी कार्य संभागीय परिवहन विभाग के स्तर से ऑनलाइन कर दिए गए हैं। ग्राहकों को आरटीओ के चक्कर काटने का भय दिखाया जाता है।
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आरटीओ (प्रशासन) एनसी शर्मा ने बताया कि वाहन फाइल के नाम पर कोई भी धनराशि आरटीओ में जमा नहीं होती है। शिकायत पर कुछ वाहन एजेंसियों को चेतावनी दी गई है। वाहन खरीद के समय जमा होने वाली धनराशि की रसीद ग्राहक को देनी चाहिए।