यमुना एक्सप्रेसवे पर दौड़ती कार की डिकी में व्यवसायी के बेटे का अपहरण करके ले जाया जा रहा था। पुलिस को उसकी फास्टैग से लोकेशन मिली, जिसके बाद कार को पुलिस ने घेराबंद कर रोक लिया और व्यवसायी के बेटे को मुक्त कराया।
आगरा के थाना खंदौली पुलिस ने फर्नीचर एवं इंटीरियर व्यवसायी आशीष अग्रवाल के बेटे ईशांत अग्रवाल (18) के अपहरण के आरोपियों को मंगलवार रात को फरीदाबाद पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस दोनों को अपने साथ ले गई। बुधवार को उनको जेल भेज दिया।
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सैनिक काॅलोनी, फरीदाबाद निवासी आशीष अग्रवाल व्यवसायी हैं। उन्होंने बेटे ईशांत को कार से नोएडा भेजा था। उन्होंने गाड़ी चलाने के लिए मैनपुरी के किशनी निवासी चालक आकाश यादव को बुलाया था। उसने रास्ते में साथी आशीष यादव की मदद से ईशांत का अपहरण कर लिया। वह उसे मैनपुरी ले जा रहा था। मगर, यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स कटने का मोबाइल फोन पर फास्टैग मैसेज देखकर व्यवसायी ने पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी।
इसके बाद खंदौली टोल प्लाजा पर कार को रोक लिया गया था। ईशांत को डिकी से बरामद किया गया। आरोपी आकाश और आशीष यादव को पकड़ लिया गया।
एसएचओ खंदौली नीरज कुमार ने बताया कि रात में हरियाणा पुलिस पहुंच गई थी। कानूनी प्रक्रिया के बाद दोनों आरोपी अपहर्ता उनके सुपुर्द कर दिए। दोनों आरोपियों को फरीदाबाद पुलिस ने जेल भेज दिया है।