उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी एक व्यापारी ने मथुरा के वृंदावन स्थित एक होटल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह वृंदावन घूमने की बात कहकर घर से निकला था। उसके कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है। खबर मिली तो घर में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग आ गए। वह परिजन को ढांढस बंधाते रहे।
मामला फतेहाबाद थाना क्षेत्र के फतेहाबाद कस्बा का ही है। यहां की रहने वाली युक्ती गुप्ता ने बुधवार को थाने में तहरीर दी। बताया कि उसके पिता संजीव कुमार गुप्ता, ऑटो पार्टस की दुकान चलाते थे। उनकी दुकान अबंतीबाई चौक के पास शमसाबाद रोड पर थी। 18 सितंबर 2023 को वह घर पर वृंदावन घूमने जाने की बात कहकर गए थे।
वहां उन्होंने मथुरा कृष्णा रिसॉर्ट में कमरा लेने की बात बताई। 19 सितंबर की दोपहर करीब 12.30 बजे उन्होंने वीडियो कॉल करके श्री बांके बिहारी जी के दर्शन कराए। शाम को चार बजे वापस रिसॉर्ट पहुंचने की बात बताई। इसके बाद शाम को घर आने की बात कही, लेकिन शाम को फोन करने पर फोन बंद आने लगा।
बताया कि रात में करीब 12 बजे फोन खुला लेकिन बात नहीं हो सकी। इसके बाद घर के परिजन थाने पहुंचकर सूचना दी। पुलिस ने मामले में गुमशुदगी दर्ज की। बुधवार की दोपहर मथुरा पुलिस का फोन आया। उन्होंने पिता के आत्महत्या करने की जानकारी दी।
बताया गया कि संजीव को मंगलवार की रात आठ बजे रिसॉर्ट पहुंचा था। वह कमरा नंबर 103 पर अकेला रुका था। बुधवार की सुबह छह बजे कमरा खाली करना था। लेकिन दोपहर 11 बजे तक वह बाहर नहीं आया। इस पर होचल स्टाफ ने फोन पर संपर्क किया तो उसका फोन बंद आ रहा था।
इसके बाद स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में कमरा खोला गया। संजीव फंखे पर फंदे से लटक रहा था। पुलिस ने शव को नीचे उतारा और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस को वहां एक विजिटिंग कार्ड मिला। इस पर घर और रिस्तेदार के नंबर लिखे थे। पुलिस ने फोन करके घर में सूचना दी।
वहीं मौके पर सुसाइड नोट भी मिला। इस पर संजीव ने आत्महत्या के पीछे का कारण कर्ज लिखा था। लिखा था कि फतेहाबाद क्षेत्र के आसपास के चार लोगों ने उनसे 20 लाख रुपये उधार लिए थे। वह पैसा वापस नहीं दे रहे थे। संजीव ने बाजार से कुछ पैसा उधार लिया था, कर्जदार अपना पैसा वापस मांग रहे थे। इससे वह तनाव में थे और यह कदम उठाया। संजीव को दो बेटियां आईसी गुप्ता (21), युक्ति गुप्ता (19) और एक बेटा अगम गुप्ता (17) है।