वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के विरोध में आगरा व्यापार मंडल और आगरा मंडल व्यापार संगठन के संयुक्त आह्वान पर व्यापारियों ने बेलनगंज चौराहे पर वित्तमंत्री अरुण जेटली का पुतला दहन करने के बाद जीएसटी की शवयात्रा निकाली। इसी दौरान अचल भवन पर पुलिस ने सात व्यापारी नेताओं को घेराबंदी करके हिरासत में ले लिया। इससे व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। विरोध में कपड़ा बाजार, मोतीगंज गल्ला मंडी, जौहरी बाजार समेत कई थोक बाजार बंद हो गए। देर शाम व्यापारियों को थाने से छोड़ा गया।
कपड़े पर 28 फीसदी टैक्स के विरोध में शनिवार को कारोबारियों के संयुक्त रूप से बाजार बंदी और जीएसटी की अर्थी फूंकने का एलान पर सुबह तकरीबन नौ बजे कपड़ा, जूता, सराफा और गल्ला कारोबारी विरोध प्रदर्शन करने बेलनगंज चौराहे पर पहुंचे। यहां पुतला दहन के बाद जीएसटी की अर्थी निकालकर फूंक दी। इसी बीच थाना छत्ता समेत कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने कहा कि कपड़ा कारोबार से जुड़े ज्यादातर व्यापारी जीएसटी पर तैयार नहीं हैं।
व्यवसायी इसका हर स्तर पर विरोध करेंगे। गागनदास रामानी और व्यापार संगठन के संरक्षक गोविंद अग्रवाल, चुन्नीलाल गुप्ता ने भी विचार व्यक्त किए। इसी दौैरान पुलिस ने टीएन अग्रवाल, रमनलाल गोयल, गोविंद अग्रवाल, चुन्नीलाल गुप्ता, कन्हैयालाल राठौर समेत आधा दर्जन से अधिक नेताओं को हिरासत में ले लिया। इससे व्यापारियों में आक्रोश बढ़ गया।
गुस्साए व्यापारियों ने सुभाष बाजार, दरेसी, बेलनगंज, रावतपाड़ा, शिवाजी मार्केट, रावतपाड़ा, जौहरी बाजार, मोती गंज गल्ला मंडी के बाजार नहीं खोले। इससे प्रमुख थोक बाजार बंद हो गए। हींग की मंडी जूता मार्केट में भी बड़े प्रतिष्ठानों में व्यापार ठप रहा। कुछेक प्रतिष्ठान बंद भी रखे गए। उधर, एसपी सिटी ने बताया कि व्यापारियों को कुछ देर के लिए हिरासत में लिया था, बाद में छोड़ दिया गया।