सोरों। तीर्थनगरी के बस स्टैंड पर रोडवेज बसों का आवागमन नहीं होता। जिससे तीर्थनगरी से अपने गंतव्यों को जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोडवेज की बसें बाईपास से ही गुजरती हैं।
उत्तर भारत का प्रसिद्ध तीर्थस्थल होने के कारण यहां प्रतिदिन विभिन्न प्रांतों के श्रद्धालु विभिन्न माध्यमों से तीर्थनगरी आते हैं। यहां गंगा स्नान, मंदिर दर्शन व धार्मिक कर्मकांडों के बाद जब वह अपने घरों को लौटते हैं, तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। तीर्थनगरी के बसस्टैंड पर बसों के न आने से उन्हें प्राइवेट व डग्गामार वाहनों से यात्रा करनी पड़ती है। जो काफी कष्टप्रद होती है।
तीर्थनगरी के बाईपास से बिना बसस्टैंड पर आए 400 से अधिक रोडवेज बसें गुजर जाती है। नियमानुसार बस चालकों को बस स्टैंड पर आकर सवारी उठाना चाहिए। ऐसा न करके बसों के चालक परिचालक प्रतिदिन परिवहन निगम को हजारों रुपये का चूना लगा रहे हैं। लोगों ने बसों का संचालन बस स्टैंड से होकर ले जाने की मांग की है।
बस स्टैंड से गुजरे बसें
तीर्थयात्रियों की सुविधा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मांग है कि यूपी परिवहन की हर बस का बस स्टैंड पर आना अविलंब सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
कैलाशचंद्र कटारे, गंगा सभा अध्यक्ष
बस स्टैंड पर हो उचित व्यवस्थाएं
तीर्थनगरी का बस स्टैंड अव्यवस्था का शिकार है। यहां न तो बसें आती हैं और न ही पेयजल, प्रकाश, प्रसाधन व स्वच्छता की भी उचित व्यवस्थाएं नहीं हैं। जिन्हें सुधारा जाए।
भारत किशोर दुबे, समाजसेवी।
स्टाफ की कमी है। एक कर्मी को सोरों बस स्टैंड पर लगाया गया, यदि वह बीमार या फिर अवकाश पर है तो दिक्कत हो जाती है। सभी डिपो चालकों को बस स्टैंड से होकर आने के निर्देश दिए गए हैं।
व्रजेश कुमार, प्रभारी डिपो प्रभारी।