आगरा के आईएसबीटी बस अड्डे पर मंगलवार को एक मरीज ने तड़पकर दम तोड़ दिया। मौत के बाद भी शव डेढ़ घंटे तक बस अड्डे पर पड़ा रहा। भाई का आरोप है कि पुलिस और एंबुलेंस दोनों में कोई नहीं आया। यदि समय पर मदद मिल जाती तो मरीज की जान बच सकती थी। सैकड़ों लोग गुजरे, लेकिन किसी ने मदद का हाथ नहीं बढ़ाया।
घटना दोपहर 12.30 बजे की है। गुरुग्राम से अपने छोटे भाई 33 वर्षीय भोला के साथ मिठाई लाल हरियाणा डिपो की बस से आईएसबीटी बस स्टैंड पर उतरा। पिछले एक महीने से भोला पीलिया से पीड़ित था। सैफई स्थित अस्पताल में उपचार चल रहा था। मिठाई लाल ने बताया कि दोनों भाई गुरुग्राम में सिलाई का काम करते हैं। जिस बस से हम आए वह आईएसबीटी तक आती थी।
करीब 12.30 बजे बस ने उतार दिया। यहां से दूसरी बस में सैफई जाना था। भाई की तबियत बिगड़ रही थी। बस स्टैंड पर उतरने के बाद उसने तड़पकर दम तोड़ दिया। भाई ने आरोप लगाया कि वह एबुलेंस, पुलिस व बस स्टैंड स्टाफ से मदद मांगता रहा लेकिन मदद नहीं मिली। उनका कठफोरी सिरसागंज के फिरोजाबाद में पैतृक घर है।