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आगरा: न पुलिस पहुंची न एंबुलेंस, बस अड्डे पर मरीज ने दम तोड़ा, डेढ़ घंटे पड़ा रहा शव

Tue, 10 May 2022 06:07 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा के आईएसबीटी बस अड्डे पर संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। यहां एक यात्री की मौत हो गई, उसका शव काफी देर तक पड़ा रहा, लेकिन भाई को शव ले जाने के लिए मदद नहीं मिली। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के आईएसबीटी बस अड्डे पर मंगलवार को एक मरीज ने तड़पकर दम तोड़ दिया। मौत के बाद भी शव डेढ़ घंटे तक बस अड्डे पर पड़ा रहा। भाई का आरोप है कि पुलिस और एंबुलेंस दोनों में कोई नहीं आया। यदि समय पर मदद मिल जाती तो मरीज की जान बच सकती थी। सैकड़ों लोग गुजरे, लेकिन किसी ने मदद का हाथ नहीं बढ़ाया। 

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घटना दोपहर 12.30 बजे की है। गुरुग्राम से अपने छोटे भाई 33 वर्षीय भोला के साथ मिठाई लाल हरियाणा डिपो की बस से आईएसबीटी बस स्टैंड पर उतरा। पिछले एक महीने से भोला पीलिया से पीड़ित था। सैफई स्थित अस्पताल में उपचार चल रहा था। मिठाई लाल ने बताया कि दोनों भाई गुरुग्राम में सिलाई का काम करते हैं। जिस बस से हम आए वह आईएसबीटी तक आती थी। 

करीब 12.30 बजे बस ने उतार दिया। यहां से दूसरी बस में सैफई जाना था। भाई की तबियत बिगड़ रही थी। बस स्टैंड पर उतरने के बाद उसने तड़पकर दम तोड़ दिया। भाई ने आरोप लगाया कि वह एबुलेंस, पुलिस व बस स्टैंड स्टाफ से मदद मांगता रहा लेकिन मदद नहीं मिली। उनका कठफोरी सिरसागंज के फिरोजाबाद में पैतृक घर है।

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एंबुलेंस आती तो बच जाती जान

मृतक के भाई का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें वह पुलिस, एंबुलेंस व बस स्टैंड स्टाफ पर गंभीर आरोप लगा रहा है। वह वीडियो में कह रहा है कि उसके भाई की जान लापरवाही के कारण गई। यदि समय पर पुलिस मदद करती तो एंबुलेंस आ जाती। भाई की जान बच जाती।

बस में ही तोड़ दिया था दम

आईएसबीटी बस स्टैंड प्रभारी चंद्रहंस ने बताया कि मरीज ने बस में ही दम तोड़ दिया था। घंटों शव पड़ा रहने की बात सही नहीं है। फोन कर एंबुलेंस व पुलिस को बुलाया। करीब सवा बजे पुलिस व एबुलेंस आई। जिला अस्पताल ले गई, जहां भोला को मृत घोषित किया।
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