कासगंज। उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम ने मनमानी करने वाले संविदा चालक परिचालकों पर शिकंजा कस दिया है। अब 50 प्रतिशत से कम सवारी ढोने वाले संविदा चालक परिचालकों को प्रोत्साहन राशि नहीं मिलेगी। निगम के इस फरमान से डिपो में तैनात संविदा चालक परिचालकों में खलबली मच गई है।
कोरोना संकट के बीच शासन के निर्देश पर निगम ने रोडवेज बसों का संचालन तो शुरू कर दिया है, लेकिन अभी महज 25 प्रतिशत सवारियां ही निकल रही हैं। ऐसे में संविदा चालक परिचालक कम सवारियां ले जाकर ही अपने किलोमीटर पूरा कर लेते हैं। इससे उनका मानदेय बन जाता है। लेकिन इसका खामियाजा विभाग को भुगतना होता है। विभाग पहले से ही लॉकडाउन में बसें बंद रहने के कारण घाटे में चल रहा है।
यह है व्यवस्था
संविदा चालक एवं परिचालकों को उत्तम एवं उत्कृष्ट प्रोत्साहन योजना के तहत 4 हजार व 7 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके अलावा निर्धारित किमी से अधिक एवं 24 दिन की ड्यूटी करने पर 3 हजार रुपये की अतरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
आंकडे़ की नजर में
संविदा चालक 95
संविदा परिचालक 148
बसों के संचालन पर पूरी नजर रखी जा रही है। खाली बस का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। यदि कोई चालक परिचालक 50 फीसदी से कम यात्रियों को बसों में बिठाकर ले जाता है तो उसको प्रोत्साहन राशि का लाभ नहीं दिया जाएगा। निगम से निर्देश मिलने के बाद हिदायत दे दी गई है। - संजीव कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक