कासगंज। कोरोना संकट के चलते हुए लॉक डाउन के बाद से 67 दिनों से नियमित मार्गों पर बसों का संचालन बंद है। इससे रोडवेज की आय पर काफी असर पड़ा है। अब तक डिपो को यात्री किराए के रूप में 7.26 करोड़ रुपये की क्षति उठानी पड़ी है। अभी यह घाटा और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।
डिपो के पास 89 बसों का बेड़ा है। कोरोना संकट के चलते हुए लॉक डाउन के बाद 25 मार्च से डिपो से बसों का नियमित मार्गों पर संचालन बंद चल रहा है। 67 दिनों से नियमित मार्गों पर बसों का संचालन न होने से रोडवेज को इस आवधि में यात्री किराए के रूप में शून्य आय हुई है। यदि वर्ष 2019 की इस अवधि की आय को ही आधार मान लिया जाए तो अब तक 7.26 करोड़ रुपये यात्री किराए का नुकसान उठाना पड़ा है।
जबकि यह घाटा अभी और भी बढ़ने की उम्मीद है। 1 जून से जिले की सीमा के भीतर ही बसो के संचालन की संभवना जताई जा रही है। इसमें भी बसों की संख्या व यात्रियों की संख्या सीमित रखी जाएगी। इससे रोडवेज को एक दिन में होने वाली लगभग 11 लाख की आय की भरपाई नहीं हो सकेगी।
शासन से मिलेंगे 2.93 करोड़
कासगंज। शासन से प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्यत तक पहुंचाने के लिए रोडवेज की मदद ली जा रही है। इसके बदले में शासन से साधारण बस के लिए 45 हजार 373 रुपये प्रति बस किराया निर्धारित किया गया है। यदि बस 500 किमी से अधिक चलती है तो 90.75 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से अलग से किराया मिलेगा। कासगंज से 25 मई तक प्रवासी मजदूरों को लेकर जो बसें भेजी गई है उनका शासन से 5 करोड़ 62 लाख 79 हजार 597 रुपये का किराया मिलेगा। इसमें डिपो के हिस्से में 2 करोड़ 93 लाख 41 हजार 367 रुपये आएंगेे। बाकी भुगतान अन्य डिपों के खाते में जाएगा। इस धनराशि के मिल जाने के बाद डिपो को अब तक हुए घाटे से कुछ राहत मिलेगी।
दिल्ली मार्ग पर चलती हैं सबसे ज्यादा बसें
कासगंज से दिल्ली, अलीगढ़ होते हुए दिल्ली मार्ग पर सबसे ज्यादा 45 से 50 बसें चलती हैं। यही मार्ग सबसे ज्यादा कमाई देने वाला भी है। लेकिन लॉकडाउन के बाद से बसें नहीं चल रहीं हैं। साथ ही एक जून से बसों के चलने की उम्मीद जताई तो जा रही है। लेकिन यह जिले के अंदर के मार्गों पर ही चलेंगी। ऐसे में फिलहाल रोडवेज को राहत मिलने की कम ही उम्मीद है।
कासगंज डिपो में बसों की संख्या - 89
कुंभ के समय नई मिलीं बसें- 06
जनरथ बसों की संख्या - 02
कंडम बसों की संख्या - 02
डिपो से संचालित होने वाले प्रमुख मार्ग
- कासगंज से अलीगढ़ दिल्ली मार्ग
- कासगंज से दिल्ली वार्य एक्सप्रेस-वे
- कासगंज से एटा आगरा मार्ग
- कासगंज से बदायूं बरेली मार्ग
- कासगंज से विल्सी, मुरादाबाद मार्ग
- कासगंज से छर्रा अतरौली मार्ग
लॉक डाउन की वजह से नियमित मागों पर बसों का संचालन नहीं हुआ है। इससे डिपो की आय पर असर पड़ा है, लेकिन प्रवासी मजदूरों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए शासन से जो धन मिलेगा उससे कुछ फायदा जरूर होगा। -संजीव कुमार डिपो प्रभारी