सड़क हादसे में घायल किशोर की मौत के बाद गुस्साए बस्ती के लोगों ने शनिवार की शाम को खतैना चौराहे पर शव को रखकर जाम लगा दिया। दो घंटे तक हंगामा चलता रहा। लोग पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाए जाने की मांग कर रहे थे। सूचना पर पहुंचे पुलिस प्रशासनिक अफसरों ने मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
खतैना नौबस्ता निवासी मोहित (16) पुत्र गोपालदास संजय प्लेस में प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था। शनिवार सुबह तकरीबन दस बजे वह साइकिल से संजय प्लेस जा रहा था। मदिया कटरा तिराहे पर श्रमिकों को ले जा रही जूता फैक्ट्री की बस ने मोहित को चपेट में ले लिया। बस किशोर के ऊपर से गुजरती हुई आगे बढ़ गई। चीखपुकार होने पर राहगीरों ने बस चालक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। गंभीर रूप से घायल मोहित को दिल्ली गेट स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान दोपहर को उसने दम तोड़ दिया। शाम को पोस्टमार्टम के बाद परिवारीजन शव को लेकर बस्ती में पहुंचे तो लोगों में रोष फैल गया। गुस्साए लोगों ने खतैना मोड़ पर शव को रखकर जाम लगा दिया। हंगामा शुरू हो गया। तकरीबन दो घंटे तक जाम लगा रहा। सूचना पर सीओ लोहामंडी और एसीएम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बस्ती के लोगों का कहना था कि गोपाल मजदूर है। इकलौते बेटे मोहित पर घर की जिम्मेदारी थी। पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए। अधिकारियों ने मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
इकलौते बेटे की मौत पर कोहराम
फैक्ट्री में काम करने वाले गोपाल का मोहित इकलौता बेटा था। उसकी दो बड़ी बहनें हैं। पिता की तबियत खराब रहती है। इस पर मोहित ने संजय प्लेस में काम करना शुरू किया था। मोहित की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मोहित की मां सदमे से बेहोश हो गईं। करुण कंद्रन से हर आंख नम हो गई थी।