गांव मगूर्रा से 11 हजार केवी की बिजली की लाइन निकलकर जा रही है। गांव के रहने वाले गिर्राज सिंह की पत्नी मंजू देवी (48) घर की छत पर रखे कंडे को उठाने गई थी। तभी उन्हें करंट लगा। वह बुरी तरह से झुलस गईं। चीखें सुनकर परिवार के लोग पहुंचे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज में सुधार नहीं हुआ। रविवार 7 बजे उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
जानकारी पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। परिवार के लोगों ने बताया कि गांव में घरों के ऊपर से जा रही हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों को कई बार बोला गया। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इससे मंजू देवी की जान चली गई। घटना के बाद अधिकारियों ने लाइन हटाने का आश्वासन दिया था। मगर, 40 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीण कुकथला फीडर पर पहुंच गए। अधिकारियों के नहीं आने पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। 5 घंटे तक प्रदर्शन के बाद उपखंड अधिकारी अनूप उपाध्याय और अवर अभियंता ने मुआवजे का आश्वासन दिया। इस पर प्रदर्शन समाप्त किया गया। उप खंड अधिकारी अनूप उपाध्याय ने बताया कि 40 दिन के अन्दर नियमानुसार मुआवजा दिलवाया जाएगा। विद्युत लाइन को गांव जनूथा लाइन से जोड़ दिया जाएगा। मंजू देवी की माैत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पांच बेटी और एक बेटा है। बड़ी बेटी तुलसा, मालती, बेटा विष्णु, बेटी नेहा, निशा और साधना हैं। पति गिर्राज सिंह पर दो बीघा खेत है। इससे ही गुजारा चलता है।
समाधान दिवस में भी की थी शिकायत
ग्राम मगूर्रा की प्रधान रीना ठाकुर के पति जगवीर सिंह ने 7 सितंबर को संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की थी। अधिकारियों से कहा था कि हाईटेंशन लाइन को आबादी क्षेत्र से हटाया जाए। यह लाइन कुकथला, नागर, रैपुरा अहीर, कठवारी, भिलावली, मगूर्रा होकर निकल रही है। आसपास तकरीबन 800 से अधिक लोग रहते हैं। कई बार हादसा हो चुका है। इसके बावजूद लाइन को नहीं हटाया गया है।