आगरा। आंखों में जलन और सांसों में घुटन है, लेकिन उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रदूषण के आंकड़ों में सब कुछ गुलाबी दिखाया जा रहा है। शहर की हवा बेहतर प्रदर्शित की जा रही है, जबकि सड़कों पर निकल रहे लोग सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज से लेकर निजी अस्पतालों तक में अस्थमा और सांस के मरीजों की संख्या में तीन गुने तक की बढ़ोतरी हुई है। बुधवार को फाउंड्री नगर में एक्यूआई 478 और तहसील रोड पर 348 दर्ज किया गया।
शहर में इन दिनाें मेट्रो के निर्माण कार्य के साथ जलनिगम की सीवर लाइन, पानी की लाइन, नगर निगम के सीएम ग्रिड समेत निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें सड़कों की खुदाई के बाद मिट्टी जहां की तहां छोड़ दी गई है। इससे धूल के गुबार उठ रहे हैं। बुधवार को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों में आगरा का एक्यूआई महज 161 दर्ज किया गया जो मध्यम श्रेणी का है। मंगलवार को शहर के 6 में से 3 स्टेशनों पर एक्यूआई खराब श्रेणी का था, जो बुधवार को सभी स्टेशनों पर मध्यम दर्जे का दिखाया गया। यूपीपीसीबी के आंकड़ों के उलट लोग पूरे दिन प्रदूषण के कारण परेशान रहे। खासकर शाम से लेकर देर रात तक लोगों का सड़कों पर सांस लेना मुहाल हो गया। आगरा स्मार्ट सिटी के सेंसरों में शहर की हवा की गुणवत्ता 300 से 478 के बीच रही। करीब 15 स्टेशनों पर एक्यूआई खराब से बहुत खराब और खतरनाक स्तर पर दर्ज किया गया। भाटिया पेट्रोल पंप पर लगे सेंसर पर रात आठ बजे एक्यूआई 478 दर्ज हुआ। इसके साथ ही पीएम 2.5 - 831.74 और पीएम 10- 860.05 पर पहुंचा।
यूपीपीसीबी के गुलाबी आंकड़े
स्थान एक्यूआई
मनोहरपुर 120
रोहता 156
शास्त्रीपुरम 155
शाहजहां पार्क 179
संजय प्लेस 194
आवास विकास 199
चौराहों पर स्मार्ट सिटी के ये आंकड़े
भाटिया पेट्रोल पंप 478
तहसील 346
बाग फरजाना 333
शहीद नगर 329
हाथीघाट 323
शमशान घाट 302
निर्माण एजेंसियों को जारी किया नोटिस
यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी आशीष मिश्रा ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी कार्यदायी संस्थाओं को नोटिस जारी किया गया है कि बिना हरे कपड़े से ढके निर्माण कार्य न करें। धूल से बचाव के लिए पानी का छिड़काव करें। कोई कमी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। मानक पूरे नहीं मिलने पर निजी फैक्ट्रियों और अन्य निर्माण कार्य करने वाली संस्थाओं का कार्यों को बंद भी कराया जाएगा। इस संबंध में कोई भी सीधा विभाग को शिकायत कर सकता है। इसके साथ ही सरकार की समीर एप और आईजीआरएस पर भी शिकायत की जा सकती है।
मेट्रो ने राजामंडी स्टेशन पर किया छिड़काव
अमर उजाला ने बुधवार के अंक में राजामंडी रेलवे स्टेशन के सामने बनाए जा रहे मेट्रो स्टेशन के बाहर धूल के गुबार और बिना ढकी निर्माण सामग्री की खबर प्रकाशित की थी। इस पर यूपीएमआरसी ने बुधवार दोपहर को पूरे परिसर में पानी का छिड़काव कराया और सड़क पर अतिरिक्त धूल हटवाई। क्षेत्रीय निवासी संजय राय ने बताया कि केवल छिड़काव से काम नहीं होगा। यहां धूल की मोटी परत जमा है। मेट्रो के अधिकारियों को यहां से मिट्टी हटवानी चाहिए।