आगरा के सिकंदरा रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) पर सोमवार शाम को नगर निगम की कूड़ा गाड़ी की टक्कर लगने से बुलेट बाइक सवार रोहित (23) उछलकर 30 फुट नीचे जा गिरा। सिर में चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसका चचेरा भाई सचिन भी बाइक पर उसके साथ था। वह पुल पर ही रह गया। वह गंभीर घायल हुआ है। हादसे के बाद चालक गाड़ी छोड़कर भाग गया।
हादसा तकरीबन शाम चार बजे का हुआ। किरावली के गांव पुरामना निवासी रोहित (23) पुत्र विजय सिंह और सचिन उर्फशेखर (22) पुत्र रामवीर शहर आए थे। उन्हें एक कोचिंग में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के संबंध में बात करनी थी। शाम को लौटते समय सचिन बाइक चला रहा था, रोहित पीछे बैठा था। सिकंदरा से कारगिल चौराहे की तरफ जाने के लिए आरओबी पर आए। कारगिल की तरफ से नगर निगम की कूड़ा गाड़ी आ रही थी।
थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही ने बताया कि कूड़ा गाड़ी की सामने से बाइक में टक्कर लगी। रोहित उछला और रेलिंग पार करता हुआ 30 फुट नीचे सड़क पर सिर के बल गिरा। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सचिन के सिर और पैर में चोट लगी। वह बाइक सहित पुल पर ही गिर गया।
हादसे के बाद चालक गाड़ी लेकर भागा, लेकिन सिकंदरा चौराहे पर जाम में फंस गया। इस पर चालक वहां गाड़ी छोड़कर भाग गया। सूचना पर पुलिस पहुंची घायल को अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना पर परिजन आ गए थे।
उनमें कोहराम मच गया।
मां बेहोश हो गईं, बहनों का हाल-बेहाल
परिजन ने बताया कि रोहित के पिता विजय सिंह दरोगा हैं। वह अलीगढ़ में तैनात हैं। विजय के तीन बच्चे हैं। इनमें रोहित बड़ा था। वहीं दो बेटी 20 साल की रितु और 14 साल की रिचा है। रोहित ने बीए किया था। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। चचेरा भाई सचिन ने बीटीसी कर रखी है। अब तैयारी करना चाहता है। हादसे की जानकारी जब घर पहुंची तो रोहित की मां गुड्डी देवी बेहोश हो गईं। बहनों का हाल बेहाल हो गया। पिता भी जानकारी पर पहुंच गए। वह रोये जा रहे थे। उन्हें रिश्तेदारों ने किसी तरह संभाला। हर कोई यही कह रहा था कि हादसे में घर का चिराग बुझ गया। सचिन के पिता रामवीर ठेकेदारी करते हैं। परिजन उसका इलाज करा रहे हैं।
हादसा देखकर दहल गए लोग
हादसा इतना भयावह था कि जिसने भी देखा उसके रौंगटे खड़े हो गए। दिल दहल गए। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। इस पर जाम लग गया। पुलिस ने रास्ता साफ कराया। घटनास्थल के पास ही हनुमानजी जी का मंदिर है। इसके पुजारी भोला शंकर ने बताया कि जोर से गिरने की आवाज आई थी। वह मंदिर से बाहर आए तो युवक पड़ा हुआ था। उसके खून निकल रहा था। पुल पर एक युवक घायल पड़ा था। बाइक से उछलकर युवक नीचे गिरा था। उसके सिर से खून निकल रहा था। इस दृश्य ने रौंगटे खड़े कर दिए।
रेलिंग छोटी, डिवाइडर भी नहीं
शहर में यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी पुल पर हादसे हो चुके हैं। गुरुद्वारा गुरु का ताल आरओबी पर कुछ साल पहले बाइक सवार दो युवक गिर गए थे। इनमें से एक की मौत हो गई थी। वहीं सिकंदरा आरओबी पर बाइक सवार युवक गिर गया था। वह घायल हो गया था। लोगों का कहना है कि पुल की रेलिंग छोटी है। ऐसे में कोई टकराता है तो सीधे नीचे गिरता है। इस पर कोई डिवाइडर भी नहीं है, आमने-सामने वाहन टकराने की आशंका रहती है। पुल की दीवार बड़ी की जाए, साउंड शीट या जाली लगाई जाएं तो हादसों से बचा जा सकता है।