अदालत से उन्हें स्टे भी मिल गया। मंगलवार की सुबह वह टहलने के लिए निकले तो दुकान की छत पर मजदूरों को हथौड़े चलाते देखा। विवेक भी अपने साथियों के साथ मौजूद था। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें और विवेक को थाने में ले जाकर बैठा दिया। उनके थाने पहुंचते ही पुलिस की मिलीभगत से विवेक ने बुलडोजर से दुकान को जमींदोज करा दिया।
उसके बड़े भाई अरविंद मिश्रा ने वीडियो बनाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उनके दो मोबाइल छीन लिए। दुकान ध्वस्त होते ही लूट मच गई। आरोप है कि लोग लाखों रुपये का माल रोकने के बाद भी लूटकर ले गए। गल्ले में ही डेढ़ लाख रुपये रखे थे। वे भी गायब हैं। इसके बाद उन्हें सुबह साढ़े 11 बजे थाने से छोड़ा गया। दोपहर को घटना की जानकारी पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के पास पहुंची। उन्होंने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
पुलिस ने पीड़ित अवनीश मिश्रा की तहरीर पर विवेक कुमार, ठेकेदार पृथ्वी सिंह, पवन चौधरी और सलोनी के खिलाफ केस दर्ज किया। इसमें मारपीट, चोरी, और गाली-गलौज की धाराएं लगाई गईं। पीड़ित के भाई का आरोप है कि थाना पुलिस की मिलीभगत से न केवल कब्जा हटाया गया बल्कि बुलडोजर चलाकर दुकान ढहाई गई। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच कराई जाएगी। अगर, संलिप्तता पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।
ट्रांसयमुना चौकी के पुलिसकर्मियों ने नहीं रोका बुलडोजर, जांच होगी
वहीं घटना के बाद आसपास के लोग सवाल उठाते रहे कि बुलडोजर से दुकान को ढहाया गया। इसमें लाखों रुपये का सामान भरा हुआ था। ट्रांस यमुना पुलिस चौकी के प्रभारी और पुलिसकर्मी क्या कर रहे थे। हंगामा होने और पुलिसकर्मियों के पहुंचने पर भी बुलडोजर को क्यों नहीं रोका गया। यह गुंडई पुलिस के सामने कैसे हुई। थाना प्रभारी का कहना है कि चौकी प्रभारी के विरुद्ध रिपोर्ट दी जा रही है।
अपराधी प्रवृत्ति का है मालिक का भाई
पीड़ित का आरोप है कि आरोपी विवेक का भाई अमित अपराधी प्रवृति का है। अलीगढ़ में जेल जा चुका है। अक्तूबर 2024 में ट्रांस यमुना पुलिस ने उसके घर दबिश दी थी। जुआरियों को छोड़ने का आरोप लगा था। आरोप है कि उसकी चौकी पुलिस से सांठगांठ है।