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इस चोर के लिए तो भैंस ही ‘यमराज’ साबित हुई

Tue, 24 Feb 2015 01:40 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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कहते हैं मृत्यु के देवता यमराज की सवारी भैंसा है। यहां के गांव में लेकिन एक भैंस ही उसे चुराकर ले रहे चोर के लिए ‘यमराज’ साबित हुई। संभवत: अजनबी आदमी को करीब देख बिदकी भैंस भागी तो वह भी उसी के साथ घिसटता चला गया। अंतत: उसकी मौत हो गई। भैंस को खोजता उसे पालने वाला उस तक पहुंचा तो घटना का पता चला।
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गांव नगला मनी निवासी सत्यप्रकाश की भैंस रविवार रात हमेशा की तरह घर के बाहर बंधी थी। पशुचोर उसे खूंटे से खोल लिया। एत्मादपुर-खंदौली मार्ग तक तो वह उसे ले जाने में सफल रहा। वहीं भैंस अचानक बिदक गई और वापस गांव की ओर भागने लगी। अनुमान है कि चोर ने हाथ में पकड़ी रस्सी से रोकने की कोशिश की होगी। इसी दौरान किसी तरह चोर के हाथ में भैंस की सांकर (रस्सी बांधने के लिए गले में डाली गई जंजीर) में बंधी रस्सी का फंदा लग गया। इससे वह भागती भैंस के साथ खेतों और सड़क पर घिसटता चला गया। इससे चोर की मौत हो गई।

उधर, तड़के लगभग तीन बजे जब सत्यप्रकाश की नींद खुली और वह बाहर आए तो भैंस नहीं दिखी। वह खोजने निकले तो भैंस को पास के खेत में खड़ी पाया। जैसे ही उन्होंने सांकर पकड़कर खींचा, मृत चोर का हाथ उनके हाथ में आ गया। घबराहट में सांकर छोड़ उन्होंने शोर मचाया। ग्रामीण जुटे तो देखा गया कि सांकर के साथ बंधी रस्सी से चोर का शव बंधा है। तब सबको माजरा समझते देर न लगी। सूचना पर आई पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए आगरा भिजवाया। सत्यप्रकाश ने चोर के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।
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थाना पुलिस ने बताया कि आसपास के खेतों में गेहूं और आलू की फसलें बिछी हुई थीं। खेतों में घसीटे जाने और भैंस के पैरों के निशान मिले हैं। मृतक के हाथ पर लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन  फोन बंद मिला। चोर की शिनाख्त कराने की कोशिश की जा रही है।
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