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न ट्रेन मिली और न ही मिली उद्योग की सौगात

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05एमएनपी-10-टीवी पर बजट देखते लोग - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट शुक्रवार को लोकसभा में पेश किया। एक बार फिर मोदी सरकार के बजट में मैनपुरी की झोली खाली रही। प्रत्यक्ष रूप से मैनपुरी को इस बजट में कुछ नहीं मिला। न तो वर्षों पुरानी उद्योग स्थापित करने की मांग पूरी हुई और न ही रेल सुविधाओं को विस्तार मिला।
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बजट का लाइव देखने के लिए लोग कामकाज छोड़कर टीवी के पास पहुंच गए। लोगों को आस थी कि बजट में शायद जिले के लिए कुछ मिले, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो सका। जिले की समस्याएं जस की तस रहीं। लोग चाहते थे कि सरकार मैनपुरी में कोई उद्योग संचालित करे, इसके लिए भी कुछ नहीं मिल सका।
जिले के युवाओं के लिए भी बजट में कुछ खास प्रबंध नहीं किया गया। बजट मध्यमवर्गीय लोगों के हित में दिखाई दिया। इसमें उनके घर तक बिजली, पानी, होम लोन आदि की व्यवस्था की गई है। बजट को लेकर जिले के लोगों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी।
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बजट में छोटे व्यापारियों के लिए 59 मिनट में लोन की घोषणा सरकार का बेहतर कदम है, लेकिन बड़े व्यापारियों पर सरकार ने कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। एक करोड़ से अधिक का लेनदेन करने वाले व्यापारियों को टीडीएस देना होगा।
-पंकज वर्मा, सराफा व्यवसायी
बजट छोटे दुकानदारों के हित में है। छोटे दुकानदारों को मात्र 59 मिनट यानी एक घंटे के अंदर लोन की व्यवस्था की गई है। इससे कि छोटे दुकानदार आसानी से अपने व्यवसाय को चला सकेंगे।
-मनोज गुप्ता, दुकानदार
किसानों के लिए बजट में कोई खास राहत नहीं मिली है। किसानों को खाद-बीज, डीजल आदि सस्ता होने की उम्मीद थी। ऐसा नहीं हो सका है। केवल ऋण की व्यवस्था से कुछ भला नहीं हो सकता।
-अलाउद्दीन, किसान
बजट में युवाओं के लिए कुछ खास नहीं किया गया है। युवाओं को रोजगार मिल सकता, इसके लिए कोई खास व्यवस्था नहीं की गई है। आम बजट में मैनपुरी की एक बार फिर से अनदेखी हुई है।
-विवेक कुमार युवा
बजट में गृहणियों के लिए गैस कनेक्शन की व्यवस्था है। वहीं पेंशन की भी व्यवस्था रखी गई है जो गृहणियों के लिए अच्छी बात है, लेकिन जिले में कोई उद्योग नहीं मिला यह चिंताजनक बात है।
-फूलनश्री, गृहणी
बजट मध्यम वर्गीय लोगों के हित में है। बजट में आम आदमी का ख्याल रखा गया है। बजट देश के विकास और उन्नति के लिए बेहतर है। बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है।
-अनुपम कुमारी, अधिवक्ता
बजट में किसानों की अनदेखी की गई है। किसान को खाद बीज और डीजल पर कोई छूट नहीं दी गई। यह बजट किसान विरोधी है। बजट से किसानों को काफी उम्मीदें थीं, जो पूरी नहीं हो सकीं।
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-राजा ठाकुर, किसान नेता
बजट आम जनता के हित में है। बजट में वित्तमंत्री ने सभी वर्गों का ख्याल रखा है। गरीबों को ऋणमाफी की व्यवस्था की गई है। जिले को उद्योग मिलना चाहिए था।
-राजे चौहान, गृहणी
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