बजट में मध्यम वर्ग और आम भारतीय परिवारों को राहत देने के लिए कुछ कदम उठाए गए हैं। बीमार और बुजुर्गों का ख्याल रखने के कदमों का परिवारों ने स्वागत किया है। आम परिवार सबसे ज्यादा खर्च स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा पर कर रहा है। ऐसे में बजट प्रावधानों से उन्हें राहत मिलेगी।
अमर उजाला ने राम नगर कॉलोनी में रहने वाले संयुक्त परिवार से बजट के प्रावधानों पर चर्चा की। घर के मुखिया डॉ. विष्णु देव सारस्वत के साथ पुत्र सोमदेव, पुत्र वधू कामना, पौत्र सूर्यदेव, पौत्री जाह्नवी और पौत्र वधु मोहिनी ने एक साथ टीवी पर बजट देखा। सभी का मानना है कि यह बजट आम आदमी को राहत पहुंचाने वाला है। लड़कियों के लिए हॉस्टल व्यवस्था से उनकी सुरक्षा, पढ़ाई और तरक्की के रास्ते खुलेंगे तो महिला, युवा और दिव्यांगजन को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।
परिवार के मुखिया डॉ. विष्णुदेव सारस्वत कहते हैं कि कैंसर समेत सात अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती करने से हर परिवार पर असर पड़ेगा। सबसे ज्यादा बोझ महंगी दवाओं का है। गंभीर बीमारियों के महंगे इलाज में आम आदमी की जमापूंजी निकल जाती है, इससे हर वर्ग को राहत मिलेगी। सरकार वरिष्ठ नागरिकों को पहले ही आयुष्मान कार्ड के दायरे में ला चुकी है। अब दवाइयां सस्ती होने से और राहत मिलेगी।
नए संस्थान खोलेंगे तरक्की के नए रास्ते
वित्त मंत्री ने चिकित्सा से लेकर डिजाइनिंग तक के नए संस्थान, पांच नए विवि खोलने की घोषणा की है। सोमदेव कहते हैं कि आयकर नियमों का सरलीकरण, खेती के साथ उद्योगों को बढ़ावा देने के कदम अच्छे हैं। इस बजट के परिणाम आने वाले वर्षों में नजर आएंगे।
शी-मार्ट जैसी योजनाएं बनाएंगी महिलाओं को आत्मनिर्भर
कामना के अनुसार शी-मार्ट जैसी योजनाएं उनके आर्थिक उन्नयन की राह खोलेगी। बेटियों के लिए गर्ल्स हॉस्टल खुलेंगे तो उन्हें बाहर पढ़ने भेजने के खर्चे में भी राहत मिलेगी। बेटियों को सशक्त बनाने में इससे मदद मिलेगी।
विदेश यात्रा होगी आसान
सूर्यदेव कहते हैं कि विदेश यात्रा पर टीसीएस में कटौती से विदेश में पढ़ाई की इच्छा रखने वाले युवाओं को सहूलियत होगी। परिवार का आर्थिक बोझ कुछ कम होगा। जो परिवार विदेश यात्रा करना चाहते हैं, उनकी जेब पर भी बोझ कम हो जाएगा।