टैक्स के मामले में रियायत मिलें
सीए इंस्टीट्यूट दीपिका मित्तल सचिव ने कहा कि कोरोना में स्वास्थ्य पर खर्च काफी बढ़ा है, इसलिए बजट में धारा 80 सी पर टैक्स छूट का दायरा बढ़ना चाहिए। महिलाओं को टैक्स के मामले में ज्यादा छूट फिर शुरू होनी चाहिए।
आयकर सीमा में बढ़ोतरी की जरूरत
टैक्स विशेषज्ञ दीपक माहेश्वरी ने कहा कि आयकर अधिनियम की धाराओं में छूट बढ़नी चाहिए, चाहे वह 80 सी हो या 80 डी। आयकर सीमा में बढ़ोतरी की जरूरत है। मेडिकल खर्च पर टैक्स छूट की सीमा बढ़े, ऐसी बजट से उम्मीद हैं।
सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं हों
चिकित्सक डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ ने कहा कि आयकर दाताओं के लिए सरकार को सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं लानी चाहिए। हेल्थ इंश्योरेंस, पेंशन आदि से इसे जोड़ा जा सकता है। इससे अन्य लोगों को टैक्स देने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।
आयात निर्भरता कम करनी चाहिए
जूता दस्तकार फेडरेशन के अध्यक्ष अभिकाम सिंह पिपल ने कहा कि जब मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाना है तो फुटवियर के कच्चे माल पर आयात निर्भरता कम करनी चाहिए। फुटवियर कारखाने 12 फीसदी जीएसटी से बंदी के कगार पर हैं। इस पर तुरंत फैसले की जरूरत है।
एक बार फिर आगरा के किसानों की बजट पर नजर जमी है। उनको उम्मीद है कि इस बार आलू प्रोसेसिंग यूनिट और आलू अनुसंधान केंद्र की मुराद पूरी हो जाएगी। जिले में हर साल औसतन 70-75 हजार हेक्टेयर पर आलू की बोवाई होती है। आलू आधारित उद्योग नहीं होने के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आलू आधारित उद्योग से होगा किसान का भला
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानियां ने बताया कि आगरा में आलू बहुतायत पैदा किया जाता है। लागत अधिक होने से किसानों को घाटा होता है। लंबे समय से आलू अनुसंधान केंद्र और आलू प्रसंस्करण यूनिट की मांग कर रहे हैं। इससे आलू आधारिक उद्योग विकसित होंगे और किसानों का भला होगा।
बिजली निशुल्क, डीजल पर मिले सब्सिडी
किसान नेता सत्यवीर चौधरी ने कहा कि डीजल और बिजली के कारण खेती की लागत बढ़ जाती है। सरकार किसान क्रेडिट कार्ड के आधार पर सिंचाई के लिए बिजली निशुल्क उपलब्ध कराए और जोताई के लिए डीजल में सब्सिडी दी जाए। इससे किसानों की आय दोगुना हो जाएगी।