भाजपा के बाद बसपा भी चुनावी तैयारियों में जुट गई है। आगरा में बसपा ने जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए बूथ, सेक्टर और विधानसभा स्तर की कमेटियों की समीक्षा शुरू की है।
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शुक्रवार को बसपा प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाह ने सूरसदन प्रेक्षागृह में कार्यकर्ताओं को चुनावी पाठ पढ़ाया। हर बूथ के लोगों से बात कर संगठन की मजबूती को परखा।
आरएस कुशवाह कुशवाह ने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में संभावित गठबंधन और बूथ प्रबंधन से जीत हासिल होगी। कार्यकर्ता अभी से चुनाव के लिए जुट जाएं।
'नेता नहीं, बल्कि कार्यकर्ता तलाशिए'
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते बसपा प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाह
- फोटो : अमर उजाला
बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने सूरसदन में हर विधानसभा के कार्यकर्ता से सीधे बात की। बूथ स्तर के कार्यकर्ता से रूबरू होकर उन्हें चुनाव के लिए तैयार किया। उत्तर विधानसभा क्षेत्र में बूथ कमेटियां कमजोर मिलीं, जबकि दक्षिण और छावनी में यह ठीक मिला।
प्रदेश अध्यक्ष कुशवाह ने जिला कमेटी से कहा कि नए सदस्यों को हर बूथ पर जोड़ना है। नेता नहीं, बल्कि कार्यकर्ता तलाशिए और उन्हीं को कमेटियों में जगह दें।
बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने ईवीएम के जरिए चुनाव जीता, लेकिन जनता के वोट तो बसपा के पास हैं। उपचुनाव परिणामों ने यह बता दिया है।
हर बूथ पर होंगे इतने सदस्य
सूरसदन प्रेक्षागृह में बसपा कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
हमने बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है। विपक्षी दलों के गठबंधन की संभावना से ही भाजपा के पेट में दर्द होने लगा है। बसपा ने हर बूथ कमेटी में 23 सदस्यों को रखना अनिवार्य किया है।
बूथ स्तर की इस कमेटी में उस क्षेत्र के सर्व समाज की हिस्सेदारी होगी। जोन इंचार्ज, मंडल कोआर्डिनेटरों की यह जिम्मेदारी तय की गई है कि वो अपनी आंखों के सामने बूथ कमेटी का गठन कराएं।
विधानसभा, सेक्टर और बूथ लेवल पर जोन इंचार्ज जाकर सत्यापन करें और बूथ सदस्यों से बात करेंगे। बसपा ने सेक्टर, बूथ और विधानसभा कमेटियों को सक्रिय रखने के लिए 10-10 दिन के कार्यक्रम तय किए हैं।
10 दिन तक कार्यक्रम चलाकर उसकी समीक्षा की जा रही है। फिर 10 दिन के लिए नया कार्यक्रम चलाया जा रहा है। पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को साफ हिदायत दे दी है कि अब वक्त नेतागिरी का नहीं है, बल्कि कार्यकर्ता बनकर लोगों को जोड़ने का है।
कार्यकर्ता सम्मेलन में बसपा के जोन इंचार्ज पूर्व सांसद मुनकाद अली, सीमा उपाध्याय, पूर्व विधायक गुटियारी लाल दुवेश, डा. धर्मपाल सिंह, सूरजपाल सिंह, कालीचरन सुमन, जुल्फिकार अहमद भुट्टो आदि मौजूद रहे।