लोकसभा चुनाव में आगरा सुरक्षित सीट से बसपा ने पूजा अमरोही को अपना प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस की पूर्व राज्यसभा सांसद सत्या बहन की बेटी पूजा अमरोही के नाम की घोषणा बसपा ने शुक्रवार को कालिंदी विहार स्थित मंडल कार्यालय पर कार्यकर्ताओं के सामने की। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव बाबू मुनकाद अली और जोन काेऑर्डिनेटर गोरेलाल ने उनके नाम का एलान किया। पार्टी ने फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट के प्रत्याशी के नाम की घोषणा फिलहाल रोक ली है।
शुक्रवार को बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती पर कालिंदी विहार स्थित मंडल कार्यालय पर कार्यक्रम किया गया था, उसी में शामिल होने आगरा आए राष्ट्रीय महासचिव मुनकाद अली ने पूजा अमरोही के नाम की घोषणा की। पार्टी ने आगरा सीट से जाटव प्रत्याशी को चुनाव लड़ाने की जानकारी पहले दे दी थी। पैनल में एक वाल्मीकि महिला नेता का भी नाम था।
विरोध के सुर भी उठे
बसपा के कार्यकर्ताओं ने मंडल कार्यालय पर पूजा अमरोही के नाम की घोषणा पर विरोध के सुर भी उठाए। कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि कांग्रेस की पूर्व सांसद सत्या बहन की बेटी को क्यों चुनाव लड़ाया जा रहा है, जबकि कई कार्यकर्ता सालों से बसपा में मेहनत कर रहे हैं। सत्या बहन राज्यसभा सांसद और एससी-एसटी आयोग की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने आगरा लोकसभा सीट से हाथरस के मनोज सोनी को उतारा था।
गठबंधन न होने पर चुनाव लड़ने से हटे पीछे
2014 से पहले बसपा में चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों की संख्या सबसे ज्यादा होती थी। बसपा का टिकट लेने के लिए कार्यकर्ता और दूसरे दलों के नेता कतार में रहते थे, लेकिन साल 2014 के चुनाव के बाद लगातार बसपा का ग्राफ नीचे गया तो इस बार लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी ने जिन नामों को तलाशा, उनमें से कई ने चुनाव लड़ने से इन्कार कर दिया। एक पूर्व एमएलसी ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट कह दिया कि सपा, कांग्रेस के साथ गठबंधन में ही वह आगरा से चुनाव लड़ेंगे। बसपा के अलग चुनाव लड़ने पर वह पीछे हट गए।