15000 शिक्षक भर्ती में नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक से नाराज अभ्यर्थियों ने किया विरोध प्रदर्शन
नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग की, कार्यालय पहुंचने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों से अभद्रता भी की
परिषदीय बेसिक स्कूलों में 15000 शिक्षक भर्ती में हाईकोर्ट ने नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। इस निर्णय से नाराज अभ्यर्थियों ने बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय में करीब चार घंटे तक तालाबंदी की। बीएसए के खिलाफ नारेबाजी कर तत्काल नियुक्ति पर जारी करने की मांग की गई। कार्यालय में मौजूद शिक्षक और कर्मचारियों ने बाहर निकलना चाहा तो अभ्यर्थियों ने अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया।
दोपहर में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कार्यालय में पहुंचे। बीएसए और संबंधित पटल के सहायक के मौजूद न होने पर उन्होंने करीब 12:00 बजे मेन गेट पर ताला लगा दिया। कर्मचारियों ने समझाया कि कोर्ट ने नियुक्ति पत्र बांटे जाने पर रोक लगाई है, अभ्यर्थी माने नहीं। मौके पर पहुंची पुलिस की अभ्यर्थियों ने नहीं सुनी। शाम पौने चार बजे प्रभारी बीएसए आलोक श्रीवास्तव और शाहगंज थाने के दरोगा अनिल कुमार पहुंचे। अभ्यर्थियों ने मांग की, कि उन्हें नियुक्ति पत्र जारी किया जाए, या फिर लिखकर दिया जाए कि एक-दो दिन में जारी कर दिया जाएगा।
आलोक श्रीवास्तव ने अभ्यर्थियों को समझाया कि कोर्ट के आदेश पर नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगी है। वे लिखित में कुछ नहीं दे सकते। गुरुवार को बीएसए आ जाएंगे, उन तक अभ्यर्थियों की मांग पहुंचा दी जाएगी। करीब चार बजे अभ्यर्थियों ने गेट का ताला खोला।
जिले में 200 शिक्षकों की होनी है भर्ती
जिले में 200 शिक्षकों की भर्ती के लिए चार बार काउंसलिंग हो चुकी है। 21 जून को हुई काउंसलिंग में जिले के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी गई थी। 24 जून को भी खाली सीटों के लिए काउंसलिंग कराई गई थी। मेरिट लिस्ट में आने वाले अभ्यर्थी खुश थे कि वे शिक्षक बन जाएंगे। कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें व्यवस्था परिवर्तन का डर सताने लगा है।