मैनपुरी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिले के एक हजार से अधिक बीएस-4 वाहनों के पंजीकरण लटक सकते हैं। ये ऐसे वाहन हैं जिनकी पंजीकरण फाइलें या तो अधूरी हैं या फिर अब तक अस्थायी पंजीकरण के बाद जमा ही नहीं की गई हैं। अगर इन्हें जल्द पूर्ण न कराया गया तो इन वाहनों का पंजीकरण नहीं हो सकेगा।
जिले में दोपहिया वाहन डीलर जहां सीधे एआरटीओ कार्यालय को पंजीकरण के लिए फाइल भेजते हैं तो वहीं चार पहिया वाहन की एजेंसी न होने से वाहन स्वामी खुद फाइल जमा करते हैं। इसके लिए खरीदारी के दौरान संबंधित जिले में अस्थायी पंजीयन कर गाड़ी सौंप दी जाती है। लेकिन कुछ वाहन स्वामी जहां पंजीकरण की फाइल जमा करने में लापरवाही करते हैं तो वहीं कुछ अधूरी फाइल जमा कर जाते हैं। वर्तमान में एआरटीओ कार्यालय में 1260 ऐसी ही फाइलें लंबित हैं। लगातार प्रयास के बाद भी वाहन स्वामी इनमें अभिलेख पूर्ण नहीं कर रहे हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते नए सत्र से बीएस-4 वाहनों का पंजीकरण नहीं हो सकेगा। ऐसे में अगर जल्द ही इन वाहनों का पंजीकरण न किया गया तो फिर पंजीकरण नहीं हो सकेगा। एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारी भी इसे लेकर परेशान हैं। अगर एक सप्ताह में इनके अभिलेख जमा नहीं किए गए तो वाहन स्वामी फिर कहीं भी पंजीकरण नहीं करा सकेंगे।
वाहन बुकिंग में भी आई तेजी
बीएस-4 वाहनों की बिक्री के लिए वाहन कंपनियों ने भी छूट देना शुरू कर दिया है। बाइकों पर जहां तीन से पांच हजार रुपये तक की छूट है तो वहीं कार पर 20 हजार तक की छूट मिल रही है। इससे वाहनों की बुकिंग में भी तेजी आई है।
जो भी वाहनों के पंजीकरण की फाइलें अभिलेखों के अभाव में लंबित पड़ी हुई हैं, उन्हें वाहन स्वामी एक सप्ताह में पूर्ण करा लें। बाद में इनका पंजीकरण किया जाना संभव नहीं होगा। इससे मुसीबत खड़ी हो जाएगी।
राजेश कर्दम, एआरटीओ।