परिजनों के मुताबिक, बच्ची एक धर्मस्थल के परिसर में खेल रही थी। तभी पवित्र उर्फ पम्मी बालिका को धर्मस्थल के अंदर ले गया, दुष्कर्म किया। बच्ची की चीख सुन मंदिर की देखरेख करने वाले पहुंच गए। उन्होंने शोर मचा दिया। परिजन पहुंच गए, लेकिन आरोपी भाग निकला। घटना की रिपोर्ट परिजन ने नहीं कराई। 26 मई को घटना का वीडियो वायरल हुआ। इस पर मामला पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा। तब केस दर्ज हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को उसे जेल भेज दिया गया। बच्ची का मेडिकल कराया गया है।
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उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ दरिंदगी करने वाले विकृत मानसिकता और नशा करने वाले होते हैं। परिवार वाले अपनी जिम्मेदारी को समझें। बच्चों का ध्यान रखें। कई बार लोग ऐसे मामलों में समझौता कर लेते हैं। इस प्रकरण में भी ये बात निकल कर आई कि परिवार समझौते के लिए राजी हो गया था। लेकिन ऐसा करने से अपराधी बच जाते है। इससे अपराध में वृद्धि होगी। इसलिए उत्पीड़न को सहे नहीं।