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आगरा: भाई-बहन ने धोखाधड़ी कर मृतक आश्रित कोटे पर पाई नौकरी, विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज

Wed, 13 Oct 2021 12:09 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

धोखाधड़ी से बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी का यह मामला हाथरस जिले का है। आरोपी ने मृतक आश्रित कोटे पर पहले खुद नौकरी पाई। नौ साल बाद बहन को शिक्षक बनवा दिया। विजिलेंस की जांच में इसका खुलासा हुआ। इस मामले में अलीगढ़ के तत्कालीन बीएसए भी आरोपी हैं। 
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आगरा का विजिलेंस थाना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हाथरस के खेड़ा बरामई के पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेश चंद शर्मा विजिलेंस जांच में फंस गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने पहले मृतक आश्रित कोटे में खुद शिक्षक की नौकरी पाई और नौ साल बाद अपनी बहन को भी इसी कोटे में शिक्षक बना दिया। शासन में शिकायत के बाद विजिलेंस की जांच में मामला खुल गया। आगरा के विजिलेंस थाने में प्रधानाध्यापक, उनकी बहन और तत्कालीन बीएसए के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 

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विजिलेंस थाना में निरीक्षक श्यामवीर सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया। इसमें धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करना और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धारा लगी हैं। मुकदमे में सुरेश चंद शर्मा के साथ मथुरा के सुरीर स्थित विद्यालय की तत्कालीन सहायक अध्यापक ममतेश कुमारी, अलीगढ़ के तत्कालीन बीएसए रामप्रकाश को नामजद किया गया है। 

मुकदमे के मुताबिक, सुरेश चंद्र शर्मा सिकंदराराऊ के भगवंत पुर के निवासी हैं। उनके पिता घासीराम शर्मा प्रधानाध्यापक थे। वर्ष 1983 में उनकी मृत्यु हो गई। सुरेश को वर्ष 1985 में मृतक आश्रित कोटे में सहायक अध्यापक की नौकरी मिली। आरोप है कि उन्होंने अपनी नियुक्ति संबंधी फाइल को गायब करा दिया। 

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1994 में बहन को दिला दी नौकरी
इसके बाद वर्ष 1994 में उन्होंने छल पूर्वक फर्जी अभिलेखों की मदद से मृतक आश्रित कोटे में बहन ममतेश कुमारी को नौकरी दिला दी। ममतेश को अलीगढ़ के गौंडा के गांव पिलखू में नियुक्ति मिली। कुछ सालों बाद उनका स्थानांतरण मथुरा के सुरीर स्थित विद्यालय में हो गया। वह वर्ष 2017 तक प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यरत रहीं।

वर्ष 2016-17 में मामले की शिकायत शासन में की गई। शासन ने विजिलेंस को जांच दी। विजिलेंस ने जांच में आरोप सही पाए। जिसके बाद वर्ष 2017 में ममतेश की सेवाएं समाप्त कर दी गईं थीं। 

अब मामले में विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। विजिलेंस विवेचना के बाद कार्रवाई करेगी। ममतेश कुमारी से अब तक लिए गए वेतन की भी वसूली की जाएगी। उस समय बीएसए ने नियुक्ति की थी। इसलिए बीएसए भी आरोपी बने हैं। 

विवेचना के बाद कार्रवाई करेंगे
एसपी विजिलेंस रवि शंकर निम ने बताया कि प्रधानाध्यापक सुरेश चंद्र शर्मा और उनकी बहन ममतेश कुमारी के खिलाफ मृतक आश्रित कोटे में फर्जी अभिलेखों की मदद से नौकरी हासिल करने के मामले में जांच के बाद विजिलेंस थाना में मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत के बाद हुई जांच में मामला खुला है। विवेचना के बाद कार्रवाई की जाएगी। तत्कालीन बीएसए रामप्रकाश को भी आरोपी बनाया गया है। 
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