1994 में बहन को दिला दी नौकरी
इसके बाद वर्ष 1994 में उन्होंने छल पूर्वक फर्जी अभिलेखों की मदद से मृतक आश्रित कोटे में बहन ममतेश कुमारी को नौकरी दिला दी। ममतेश को अलीगढ़ के गौंडा के गांव पिलखू में नियुक्ति मिली। कुछ सालों बाद उनका स्थानांतरण मथुरा के सुरीर स्थित विद्यालय में हो गया। वह वर्ष 2017 तक प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यरत रहीं।
वर्ष 2016-17 में मामले की शिकायत शासन में की गई। शासन ने विजिलेंस को जांच दी। विजिलेंस ने जांच में आरोप सही पाए। जिसके बाद वर्ष 2017 में ममतेश की सेवाएं समाप्त कर दी गईं थीं।
अब मामले में विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। विजिलेंस विवेचना के बाद कार्रवाई करेगी। ममतेश कुमारी से अब तक लिए गए वेतन की भी वसूली की जाएगी। उस समय बीएसए ने नियुक्ति की थी। इसलिए बीएसए भी आरोपी बने हैं।
विवेचना के बाद कार्रवाई करेंगे
एसपी विजिलेंस रवि शंकर निम ने बताया कि प्रधानाध्यापक सुरेश चंद्र शर्मा और उनकी बहन ममतेश कुमारी के खिलाफ मृतक आश्रित कोटे में फर्जी अभिलेखों की मदद से नौकरी हासिल करने के मामले में जांच के बाद विजिलेंस थाना में मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत के बाद हुई जांच में मामला खुला है। विवेचना के बाद कार्रवाई की जाएगी। तत्कालीन बीएसए रामप्रकाश को भी आरोपी बनाया गया है।