आगरा में पति और पत्नी के बीच बैंगन और लौकी की वजह से विवाद का रोचक मामला रविवार को परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचा। इसे सुलझाने में काउंसलरों को पसीने छूट गए। वे घंटों उलझे रहे। बात न बनने पर अगली तारीख दी गई।
रविवार को सुबह शुरू हुई बारिश का असर परामर्श केंद्र पर भी दिखाई दिया। कम मामले पहुंचने से शांति का माहौल था। काउंसलरों ने मामले सुनने शुरू ही किए थे कि पत्नी सुनीता देवी (काल्पनिक नाम) अपने पति मुकेश कुमार (काल्पनिक नाम) को देखकर गुस्से में आ गईं।
केंद्र के काउंसलर डॉ. अमित गौड़ के पूछने पर सुनीता ने बताया कि उसके पति जानबूझकर ऐसे बैंगन लाते हैं, जिनमें बीज काफी बड़े निकलते हैं। बार-बार मना करने के बाद भी नहीं मानते। पति मुकेश का कहना था कि वह जानबूझकर ऐसा नहीं करते हैं। काफी समझाने के बाद बात न बनने पर अगली तारीख दे दी गई।
लौकी की सब्जी बनी वजह
परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर डॉ. अमित गौड़ ने बताया कि दूसरे मामले में लौकी की सब्जी परिवार में कलह की वजह बनी है। दयालबाग के रहने वाले सुबोध (काल्पनिक नाम) की पत्नी उनके लिए हर रोज लौकी की सब्जी बना देती थीं। लगातार एक महीने तक लौकी की सब्जी बनी। सुबोध का कहना है कि परेशान होकर दो महीने पहले उन्होंने सब्जी खाने से मना कर दिया। इस पर पत्नी रेखा (काल्पनिक नाम) मायके चली गईं। इस मामले में भी बात न बनने पर अगली तारीख दी गई।
दस मामले केंद्र पहुंचे
परिवार परामर्श केंद्र की काउंसलर कमर सुल्ताना ने बताया कि कारण मामले कम आए। कुल दस मामले केंद्र पहुंचे। दो में समझौता हो गया। जबकि आठ में अगली तारीख दे दी गई।