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Bribe Case: आगरा में 15 हजार की रिश्वत लेते लेखपाल रंगे हाथ गिरफ्तार, मजदूर से मांगी थी रकम

Fri, 16 Sep 2022 03:15 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

लेखपाल ने सदर बाजार स्थित अपने भाई की वेल्डिंग की दुकान पर ग्रामीण को बुलाया। टीम ने जाकर वहां घेराबंदी कर ली। ग्रामीण ने 15000 बृजमोहन को पकड़ा दिए। वैसे ही टीम पहुंच गई और लेखपाल को रंगे हाथ पकड़ लिया।
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आरोपी लेखपाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा की फतेहाबाद तहसील का लेखपाल बृजमोहन कुशवाहा शुक्रवार दोपहर को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। वह शमसाबाद के गांव नया बांस के किसान उदय सिंह कुशवाहा से मकान की मापजोख के लिए 25 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था। किसान की शिकायत पर एंटी करप्शन की टीम ने जाल बिछाया। सदर बाजार इलाके में उसे पकड़ लिया। मामले में थाना सदर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपी को शनिवार को मेरठ कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि उदय सिंह ने दो दिन पहले शिकायत की थी। बताया कि उनकी दो बीघा खेती है। गांव में मकान है। यह आबादी क्षेत्र में बना है। दो महीने पहले प्रधान आए थे। उन्होंने कहा कि 18 फीट पर खरंजा बिछेगा, जबकि तुम्हारे घर के आगे 14 फीट का रास्ता है। मकान खरंजे पर आ रहा है। इसलिए मकान तोड़ना पड़ेगा। प्रधान की शिकायत पर लेखपाल जांच करने आए थे। उन्होंने कहा कि मकान टूटेगा। मकान के रास्ते में आने की बात सही है। इससे उदय सिंह घबरा गए।

आरोप है कि लेखपाल ने उदय सिंह के पक्ष में रिपोर्ट लगाने के लिए एक लाख रुपये की मांग की। उदय सिंह मजदूरी करते हैं। उन्होंने कहा कि वह इतनी रकम नहीं दे पाएंगे। इस पर लेखपाल 50 हजार पर आ गया। मगर, उदय सिंह ने इतनी रकम भी देने में असमर्थता जाहिर की। बाद में 25 हजार रुपये पर राजी हो गया। उदय सिंह को किसी ने सलाह दी कि वह एंटी करप्शन में जाएं। उनकी शिकायत पर लेखपाल को पकड़ लिया जाएगा।

जाल में फंस गया लेखपाल

मामले में निरीक्षक कुशलवीर सिंह को एंटी करप्शन की टीम को प्रभारी बनाया गया। उनके साथ निरीक्षक शिवराज सिंह सहित आठ लोग शामिल थे। इनमें दो गवाह जिलाधिकारी कार्यालय के भी थे। शुक्रवार को उदय की लेखपाल से बात कराई गई। लेखपाल ने बताया कि वह तहसील नहीं गया है। उन्होंने सदर बाजार स्थित अपने भाई की वेल्डिंग की दुकान पर बुलाया। उदय सिंह पहुंच गए। उनके साथ टीम भी दुकान के पास ही मौजूद थी। 15 हजार रुपये लेते ही टीम पहुंच गई। लेखपाल को पकड़ लिया गया। बृजमोहन कुशवाहा रोहता बाग का रहने वाला है।

आरोपी की धमकी से डर गए थे उदय

ग्रामीण उदय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि लेखपाल उन्हें प्रधान की शिकायत पर परेशान कर रहा था। वह गरीब हैं। इस कारण डर रहे थे। उन्हें लग रहा था कि मकान टूट जाएगा। उसने 24 घंटे में रकम नहीं देने पर उसके खिलाफ रिपोर्ट लगाने की धमकी दी थी। इसी तरह गांव के पप्पू की भी शिकायत थी। लेखपाल के पकड़े जाने पर वो भी पहुंच गए। पप्पू ने आरोप लगाया कि लेखपाल वारिसान का नाम चढ़ाने के नाम पर परेशान कर रहा था। इस पर एंटी करप्शन में शिकायत करने का मन बनाया था।
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