इनररिंग रोड पर जहां ट्रैफिक फुल स्पीड पर दौड़ेगा वहीं, प्रदूषण पर ब्रेक लगेंगे। इसके लिए लगभग 24 किमी लंबी रिंग रोड पर पांच लेयर में पौधे रोपे जाएंगे। ये पौधे पर्यावरण संरक्षण तो करेंगे ही, एक-एक किमी तक पांचों लेयर में एक ही रंग के फूल राहगीरों की आंखों को भी सुकून देंगे।
कुबेरपुर से फतेहाबाद रोड के बीच प्रथम चरण में बनाई जा रही रिंग रोड के निर्माण के दौरान अनुमति के बाद लगभग 400 पेड़ काटे गए। इसके बाद आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) दस गुने से अधिक पौधे रोपेगा। इसका खाका खींच लिया गया है। योजना के अनुरूप, सिक्स लेन एक्सप्रेसवे के बीच में डिवाइडर में तो पौधे रोपे ही जाएंगे, रिंग रोड और सर्विस रोड के बीच में दोनों ओर भी पौधरोपण होगा। दोनों सर्विस रोड के दूसरे छोर पर भी हरियाली विकसित की जाएगी। मार्च में सड़क निर्माण का काम पूरा होने के बाद पौधरोपण किया जाएगा। एडीए के अधिकारियों के मुताबिक दो साल में ये पौधे विकसित हो जाएंगे। इसके बाद पूरा इनररिंग रोड दोनों तरफ से हरा-भरा नजर आएगा।
एक जैसा दिखाई देगा नजारा
रिंग रोड पर पौधरोपण भी योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा। ताकि राहगीर जब इस रोड से गुजरें तो उन्हें एक जैसा नजारा दिखाई दे। पहले एक किमी में अमलताश और अगले एक किमी में बोगनबेलिया के पौधे लगाए जाएंगे। बता दें कि अमलताश के फूल पीले और बोगनबेलिया के लाल होते हैं। ऐसे में जब राहगीर यहां से गुजरेंगे तो पहले उन्हें एक किमी तक दोनों ओर पीले रंग के फूल नजर आएंगे और अगले एक किमी लाल रंग के ही फूल दिखाई देंगे।
गाय-भैंस नहीं पहुंच सकेंगी एक्सप्रेसवे तक
इनररिंग रोड को हाईस्पीड एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जा रहा हैै। इस रोड पर हादसों से बचने के लिए अवरोध नहीं होंगे। गाय-भैंस को भी रोकने के लिए भी दोहरी व्यवस्था होगी। पहले तो सर्विस रोड के किनारे से तारों की फेसिंग होगी, इसके बाद सर्विस रोड और एक्सप्रेसवे के बीच में यमुना एक्सप्रेसवे की तरह से एल्युमीनियम की चादरों से बेरिकेटिंग की जाएगी।
एनएच-2 पर दो रिंग बनीं
इनररिंग रोड और यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों के चढ़ने और उतरने के लिए बनने वाली चार रिंगों में से दो रिंग मूर्त रूप ले चुकी हैं। इनमें से एक रिंग पर आवागमन शुरू हो गया है। दूसरी रिंग का थोड़ा-बहुत काम शेष रह गया है।