An International Airport to be built in Agra soon
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ताजनगरी में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रस्ताव जिस तेजी से उठा था, उतनी ही तेजी से इसकी हवा निकल गई है। शासन ने सिविल एन्क्लेव के लिए जमीन अधिग्रहण का बजट तो रोक ही दिया है, इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रस्ताव को भी अब तक मंजूरी नहीं दी है। जबकि प्रशासन की तरफ से एक महीने में चार बार से अधिक बार रिमाइंडर भेजा चुका है।
अगस्त में इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर प्रदेश सरकार ने खूब उड़ान भरी। तत्कालीन मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने भारत और प्रदेश सरकार के बीच सेतु का काम किया। वायु सेना के अधिकारियों से भी खुद ही पैरवी कर खेरिया हवाई अड्डे के पास ही सिविल एन्क्लेव को ही इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
उनके रहते हुए इस पर काम भी शुरू हो गया लेकिन उनके हटते ही इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रस्ताव भी पटरी से उतर गया। सितंबर की शुरुआत में प्रशासन ने इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए शासन को लगभग 179 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। मगर, अब तक इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई है। जबकि दावा किया गया था कि बीते नवरात्रों में इसकी नींव रख दी जाएगी।
इधर, सिविल एन्क्लेव की चाल भी ढीली पड़ गई है। इसके लिए प्रस्तावित लगभग 25 हेक्टेयर जमीन में से अब तक लगभग 14 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण ही हो पाया है। शासन ने जमीन अधिग्रहण का बजट ही रोक दिया है। लगभग एक महीने पहले प्रशासन की तरफ से इसके लिए 64 करोड़ रुपये मांगे थे। यह बजट भी नहीं मिल सका है। जबकि अपर जिलाधिकारी भूमि आध्याप्ति नगेंद्र शर्मा इसके लिए कई बार शासन को रिमाइंडर भेज चुके हैं। बजट के अभाव में जमीन अधिग्रहण का कार्य रुका हुआ है। बता दें कि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए धनौली, बल्हेरा और अभयपुरा की लगभग 55 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है।