यहां पर होंगे पड़ाव
एक फरवरी को सियाराम दास आश्रम बटेश्वर, दो फरवरी को चौसिंगी, तीन फरवरी को भदरौली, चार फरवरी को अरनौटा, पांच फरवरी को फतेहाबाद, छह फरवरी को गोसाई गढ़ी, सात फरवरी को घाघपुरा, आठ फरवरी को कोलारा, नौ फरवरी को रामपाल की गढ़ी, 10 फरवरी को दिगनेर, 11 फरवरी को अकबरपुरा, 12 फरवरी को कहरई, 13 फरवरी को बोदला, 14 फरवरी को अकबरा, 15 फरवरी कबीस आश्रम पड़ाव होगा।
16 फरवरी को सेलखेड़ा, 17 फरवरी को दाऊजी, 18 फरवरी को गोकुल, 19 फरवरी को अडीग, 20 फरवरी को गोवर्धन, 21 फरवरी को बहज, 22 फरवरी को टांकौली, 23 फरवरी को आदिबद्री, 24 फरवरी को केदारनाथ, 25 फरवरी को कामा , 26 फरवरी को बरसाना, 27 फरवरी को कोकिला वन, 28 फरवरी को कोटवन, 1 मार्च को चमेलीवन, 2 मार्च को वनचारी, 3 मार्च को बांसवा, 4 मार्च को पैगांव, 5 मार्च को शेरगढ़, 6 मार्च को हनुमानजी की झाड़ी, 7 मार्च को नौझील, 8 मार्च को टैंटीगांव, 9 मार्च को वंशीवट, 10 मार्च को वृंदावन में समापन होगा।
इस यात्रा के ये भी हैं उद्देश्य
गोरक्षा, हरिनाम प्रचार, सनातन संस्कृति रक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ भारत समृद्ध भारत जागरण, नशा मुक्ति और सामाजिक बुराइयों रहित समाज का निर्माण करना भी इस यात्रा का उद्देश्य है।