न्यूरोकॉन-2022 में विशेषज्ञ चिकित्सक
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15 शहरों के चिकित्सकों ने किए सवाल-जवाब
दूसरे सत्र में 15 शहरों से आए न्यूरो सर्जन ने डॉ. मिश्रा से ऑपरेशन और बीमारी की जटिलताओं पर सवाल किए। इनमें डॉ. मृत्युंजय सरकार, डॉ. पीयूष राय, डॉ. परवेज अख्तर, डॉ. अजय प्रसाद, डॉ. पुनीत गोयल, डॉ. बानू, डॉ. वर्दन कुलश्रेष्ठ, डॉ. परवेज सोफी, डॉ. अयूब ठोकर, डॉ. प्रतीक आहूजा, डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. जावेद खान, डॉ. इरफान एच भट्ट, डॉ. सतेंद्र गर्ग मुख्य रहे।
शहर से डॉ. विजयवीर सिंह, डॉ. मयंक बंसल, डॉ. मधुसूदन अग्रवाल, डॉ. विनीश जैन, डॉ. लाखन सिंह, डॉ. अनूप खेर, डॉ. विशाल गुप्ता, डॉ. पल्लव गुप्ता, डॉ. आकांक्षा अरोड़ा, डॉ. प्रेमाशीष मजूमदार, डॉ. मृदुल शर्मा, डॉ. विनय मित्तल, डॉ. मानवेंद्र चौहान, डॉ. हिमांशु यादव, डॉ. प्रतुल सक्सेना, डॉ. तरुण मित्तल, डॉ. अनिल राजन, डॉ. उमेश वर्मा, डॉ. एके मित्तल, डॉ. विनय तिवारी, डॉ. वंदना कालरा, डॉ. आदित्य कुमार आदि ने भी सवाल किए।
उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल में खुलेगी स्ट्रोक क्लीनिक
उजाला सिग्नस हेल्थकेयर सर्विसेज के चेयरमैन प्रोबाल घोषाल ने कहा कि ग्रुप के 18 अस्पताल विभिन्न शहरों में संचालित हैं। इनमें हृदय, मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी समेत अन्य गंभीर रोगों के उपचार की सुविधा है। आगामी पांच साल में 15 और अस्पताल खोले जाएंगे। हॉस्पिटल में डॉ. आरसी मिश्रा के नेतृत्व में जल्द ही स्ट्रोक क्लीनिक भी खोली जाएगी। इससे आसपास के जिलों के मरीजों को सुविधा मिलेगी।
उजाला सिग्नस हेल्थकेयर सर्विसेज के निदेशक डॉ. दिनेश बत्रा ने कहा कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के जरिये अत्याधुनिक तकनीक से उपचार हो रहा है। खासतौर से ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के लिए बड़ी सुविधा है। जल्दी ही कैंसर ओपीडी भी संचालित की जाएगी।
बीमारी से बचने के लिए ये करें
नमक, चीनी का इस्तेमाल कम करें।
शराब, धूम्रपान तत्काल छोड़ दें।
वजन न बढ़ने दें, व्यायाम-योग करें।
देर से सोने की आदत बदल दें।
मधुमेह रोगी हैं तो इसे नियंत्रित रखें।