जनपद में 2451 परिषदीय विद्यालय हैं। जिनमें कक्षा 1 से 8 तक के करीब 2.25 लाख बच्चे हैं। एक जुलाई से सत्र 2025-26 शुरू हो चुका है। बच्चों के बस्तों में पुस्तकें नहीं आईं। किताबों के बंडल ब्लाॅक से लेकर अन्य स्थानों तक पर रखे हुए हैं।
अमर उजाला ने इस मुद्दे को उठाया। जिसके बाद खेरागढ़ में एसडीएम ने छापा मारकर 2600 पुस्तकें बरामद कीं। इधर, पुस्तक वितरण नहीं होने की शिकायत पर डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने 8 जुलाई को बीएसए से 2 दिन में पुस्तक वितरण व उपलब्धता की रिपोर्ट मांगी थी। डीएम 4 दिन बाद भी रिपोर्ट से बेखबर हैं। बीएसए ने डीएम को रिपोर्ट नहीं भेजी।
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उधर, आरोप है कि सैंया में संसाधन केंद्र पर रखी पुस्तकों को रविवार को एबीएसए दीपक कुमार छिपाने के लिए दूसरे स्थान पर ले जा रहे थे। तभी एक ग्रामीण ने वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल हो रहा है। इस संबंध में डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कहना है कि बीएसए ने पुस्तकों की रिपोर्ट नहीं भेजी है। सैंया मामले में एबीएसए की लापरवाही हो सकती है। जांच कराई जा रही है। लापरवाही मिलने पर एबीएसए के विरुद्ध रिपोर्ट महानिदेशक बेसिक शिक्षा को भेजा जाएगा।
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