आगरा में चालक की हत्या कर कार लूटने और साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में अदालत ने एटा के थाना अलीगंज के मोहल्ला गंगा दरवाजा निवासी जाहिद, राजू यादव और फर्रुखाबाद के थाना कायमगंज क्षेत्र के बरा भिकपुर निवासी अनुपम यादव को दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभारी क्षेत्र नीरज महाजन ने घटना के 25 साल बाद तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
वृंदावन के गांव जोनई निवासी पदम सिंह ने थाना सिकंदरा में केस दर्ज कराते हुए बताया था कि वृंदावन से 31 जनवरी 2000 को कुछ लोगों ने आगरा घूमने के लिए उनके भाई अमर सिंह की कार एक हजार रुपये में बुक कराई थी। कार अमर सिंह खुद चलाते थे। ताजमहल, लालकिला घूमने के बाद सिकंदरा थाना क्षेत्र में आरोपियों ने कार चला रहे अमर सिंह के साथ मारपीट की। विरोध पर आरोपियों ने उनकी हत्या कर दी और हाथ-पैर बांधकर शव झाड़ियों में फेंक दिया।
पुलिस ने तीन अप्रैल 2000 को आरोपी जाहिद उर्फ बंटा, राजू यादव और अनुपम यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही उनके कब्जे से लूटी हुई कार भी बरामद कर ली थी। 13 जून को विवेचक ने अदालत में आरोपपत्र प्रस्तुत किया था। तब से सुनवाई चल रही थी। मंगलवार को अदालत ने दोषियों को सजा सुनाई।