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10 दिन बाद मिली देवर-भाभी की लाश: नहर में एक साथ लगाई थी छलांग, प्यार में चुनी मौत; ये आखिरी शब्द रुला देंगे

Thu, 17 Sep 2026 12:50 PM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

एटा के मिरहची क्षेत्र में कूटेना नहर के पास बुधवार को देवर-भाभी के शव बरामद हुए। दोनों की पहचान हो गई है।  पुलिस के मुताबिक, सात सितंबर को दोनों कासगंज क्षेत्र में एक साथ नहर में कूद गए थे। करीब 10 दिन बाद शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया।
 
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10 दिन बाद मिली देवर-भाभी की लाश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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रात के ठीक 3 बजे फोन की घंटी बजी। बड़े भाई ने फोन उठाया तो दूसरी तरफ से छोटे भाई की कांपती हुई आवाज आई- "भैया, हम माँ की कसम खाते हैं, हजारा नहर में कूदकर जान दे रहे हैं..." पीछे से भाभी की सिसकियां भी सुनाई दीं और फिर फोन स्विच ऑफ हो गया। फोन पर दी गई यही धमकी आखिरकार सच साबित हुई। 10 दिन तक नहर में तलाश के बाद गुरुवार सुबह मिरहची थाना क्षेत्र की कुटेना हजारा नहर में उन दोनों देवर-भाभी के शव उतराते हुए मिले, जिन्होंने समाज के डर से एक साथ मौत को गले लगा लिया था।
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क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार कासगंज सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव मनौटा निवासी कृष्णकांत (29 वर्ष) और उसकी भाभी प्रियंका (24 वर्ष) के बीच चल रहे प्रेम संबंधों ने आखिरकार दोनों की जान ले ली। 

 

पुलिस ने बताया कि 7 सितंबर की सुबह पीआरवी-7910 को सूचना मिली कि नदरई स्थित हजारा नहर के पिकनिक पॉइंट पर एक लावारिस थैली पड़ी है। जब पुलिस ने थैली खोली तो उसमें एक पर्स, जेवर, प्रियंका की पासपोर्ट साइज फोटो, ड्राइविंग लाइसेंस, 4 एटीएम कार्ड, एक जोड़ी लेडीज कपड़े और 5 हजार रुपये नकद मिले। जांच में पता चला कि यह सामान मनौटा गांव निवासी कृष्णकांत और उसकी भाभी प्रियंका का है।

अंबाला के एक कमरे में पनपा प्यार
जांच में सामने आया कि मृतक पंकज ने वर्ष 2021 में अपने ही गांव की प्रियंका से प्रेम विवाह किया था। पति-पत्नी काम की तलाश में हरियाणा चले गए। मई 2025 से मई 2026 तक पंकज, उसकी पत्नी प्रियंका और छोटा भाई कृष्णकांत अंबाला में एक ही कमरे में साथ रहने लगे। इसी दौरान देवर-भाभी के बीच नजदीकियां बढ़ीं और अवैध संबंध बन गए। जब बड़े भाई को इसकी भनक लगी तो घर में कलह शुरू हो गई।
 

दवाई के बहाने घर से निकला था देवर
कृष्णकांत 6 सितंबर को सुबह घर से दवाई लेने की बात कहकर निकला था। उधर हरियाणा के पानीपत में काम करने वाला उसका बड़ा भाई पंकज जब रात को अपने कमरे पर पहुंचा तो उसकी 4 साल की मासूम बच्ची अकेली पड़ी थी और पत्नी प्रियंका गायब थी। पंकज ने भाई को फोन किया तो उसने कहा कि भाभी उसके साथ दिल्ली में है, चिंता मत करो।
 

लेकिन रात 3 बजे आए उस आखिरी फोन कॉल ने सब कुछ बदल दिया। कृष्णकांत ने भाई को बताया कि वे दोनों नदरई हजारा नहर पर हैं और जान देने जा रहे हैं। भाभी प्रियंका ने भी फोन पर बात कर माफी मांगी। पंकज ने मैसेज कर बहुत समझाया, लेकिन दोनों ने फोन बंद कर नहर में छलांग लगा दी। तब से पीएसी की फ्लड कंपनी लगातार दोनों की तलाश कर रही थी।

 

मिरहची में मिले शव
10 दिन बाद गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे मिरहची थाना क्षेत्र के कुटेना गांव के पास हजारा नहर में दो शव उतराते हुए ग्रामीणों ने देखे और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी मिरहची निरीक्षक विदेश राठी ने शवों को बाहर निकलवाया। शिनाख्त कासगंज के मनौटा गांव निवासी कृष्णकांत और प्रियंका के रूप में हुई।

 
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थाना प्रभारी विदेश राठी ने बताया कि 7 सितंबर को कासगंज की हजारा नहर में प्रेम प्रसंग के चलते दोनों ने छलांग लगाई थी। दोनों के शव बहते हुए मिरहची थाना क्षेत्र के कुटेना तक आ गए। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की इस तरह मौत से गांव में सनसनी फैल गई है, वहीं 4 साल की मासूम बच्ची बेसहारा हो गई है।
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