श्री डोरीलाल अग्रवाल मेधावी दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना ने मुजफ्फर नगर की दृष्टिहीन गजाला परवीन (26) के जीवन में खुशियां भर दीं। छात्रवृत्ति की मदद से उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल की और हरदोई के केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक बन गई हैं। वह सामान्य बच्चों के जीवन में शिक्षा की ज्योति जलाएंगी।
संस्था सचिव डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि मोहम्मद अकरम और माता गुलशन खान की नौ संतानों में सबसे बड़ी गजाला जन्म से देख नहीं सकती थीं। आर्थिक परेशानी के बीच जैसे-तैसे इन्होंने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की। आगे पढ़ाई बंद करने की नौबत आ गई। श्री डोरीलाल अग्रवाल मेधावी दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना की जानकारी पर 2019 से आवेदन किया। संस्था ने 3 साल में 36 हजार रुपये से अधिक छात्रवृत्ति दी।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से एमए उर्दू कर रहीं गजाला टीजीटी (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर्स) परीक्षा उत्तीर्ण कर शिक्षक बन गई हैं। वेतन 65 हजार रुपये मिलेगा। गजाला का कहना है कि छात्रवृत्ति योजना से ही उनके सपनों काे उड़ान मिली है।
उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन और विकलांग सहायता संस्था का आभार जताया है। संरक्षक सदस्य रामशरण मित्तल, जेएस फौजदार, सतीश मांगलिक, डॉ. रंजना बंसल, डॉ. ज्ञानप्रकाश, डॉ. भूपेंद्र आहूजा, डॉ. अरुण चतुर्वेदी, आलोक फरसैया, डॉ. एमसी गुप्ता, सुनील अग्रवाल, सुनील विकल, अनिल अग्रवाल, आनंद खंडेलवाल, डॉ. मुनीश्वर गुप्ता, मुरारीलाल गोयल, पंकज मिश्रा, रिनेश मित्तल, शैलेंद्र नरवार, संजय गोयल, रंजन शर्मा, वीरेंद्र गुप्ता, वीरेंद्र वार्ष्णेय, नवदीप अग्रवाल, श्रीकिशन गोयल, डॉ. सपना गोयल ने बधाई दी है।