यूपीपीटीसीएल के सहायक निदेशक ने जांच शुरू कर दी
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आगरा के भीम नगरी सब स्टेशन में इंसुलेशन फेल होने से ट्रांसफार्मर में धमाका हो गया था। इस हादसे में घायल चौथे विद्युतकर्मी हरिप्रसाद ने भी दिल्ली में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जूनियर इंजीनियर किशन सिंह यादव सहित तीन विद्युतकर्मियों ने रविवार को ही दम तोड़ दिया था। हादसे के बाद यूपीपीटीसीएल के साथ-साथ विद्युत सुरक्षा के सहायक निदेशक ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। दोनों की शुरुआती पड़ताल में ट्रांसफार्मर में तकनीकी खामी सामने आई है।
सोमवार को मौके पर पहुंचे उत्तर प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लि. के निदेशक (ऑपरेशन) सीएम माथुर ने ट्रांसफार्मर के फटने की संभावना इंसुलेशन फेल होना जताई है। लखनऊ से आए निदेशक को निरीक्षण के दौरान ट्रांसफार्मर में कई तकनीकी खामियां मिलीं। उनका कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि ट्रांसफार्मर की साइड प्लेट ही फट गई हो। ऐसा इंसुलेशन फेल होने की वजह से हो सकता है। इसी वजह से इतना बड़ा हादसा होने की संभावना है। इसके अलावा और भी वजह हो सकती हैं।
उन्होंने विभागीय विद्युतकर्मियों के परिजनों के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता के लिए चेक भी जारी किए। वहीं, विद्युत सुरक्षा के सहायक निदेशक अनवर आलम ने भी मौके पर पहुंचकर हादसे की जांच के बाद कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। उनकी जांच में भी तकनीकी खामियां सामने आई हैं। सहायक निदेशक ने अपनी रिपोर्ट में विद्युत विभाग और शासन से चारों मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये बतौर मुआवजा राशि देने की सिफारिश की है।
बता दें कि रविवार को ताजगंज, नगला पैमा स्थित 132 केवी भीम नगरी सब स्टेशन पर ट्रांसफार्मर फटने से चार विद्युतकर्मी बुरी तरह से जख्मी हो गए थे। इसमें मेंटेनेंस ठेकेदार के दो कर्मचारियों ने घटना के कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया था। जेई ने रविवार देर रात दिल्ली में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। चौथे विद्युतकर्मी लाइनमैन बिजनौर, धामपुर तहसील क्षेत्र निवासी हरिप्रसाद की सोमवार तड़के मौत हो गई। वहीं, पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे ठेकेदार के दूसरे कर्मचारी के परिजनों ने उसकी शिनाख्त आहरन (नगला भोजा के पास), बरहन निवासी 21 वर्षीय वीरेश के रूप में की। दर्दनाक हादसे में चारों विद्युतकर्मियों की मौत से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
मुख्य अभियंता अशोक सक्सेना के अनुसार, जिस प्रकार घरों में प्रयोग होने वाले बिजली के तारों के ऊपर पीवीसी चढ़ी होती है, उसी प्रकार ट्रांसफार्मर के अंदर वाइडिंग में प्रयोग होने वाले तारों के ऊपर विभिन्न मैटेरियल से निर्मित एक लेयर चढ़ाई जाती है। ताकि वाइडिंग के तार आपस में न मिल सकें और स्पार्किंग होने से रोका जा सके। इसे इंसुलेशन कहा जाता है।