भाजपा ब्रजक्षेत्र कोषाध्यक्ष एवं पूर्व डिप्टी मेयर नवीन जैन के रिश्ते के भाई छीपीटोला निवासी उमेश चंद जैन ने बुधवार सुबह केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री प्रोफेसर रामशंकर कठेरिया के खिलाफ थाना रकाबगंज में तहरीर देकर सनसनी फैला दी। उन पर अपशब्द बोलने और उनके समर्थकों पर मारपीट करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने एनसीआर दर्ज भी कर ली। लेकिन शाम को उमेश चंद जैन ने तहरीर वापस ले ली।
बुधवार दोपहर को दी गई तहरीर में कहा गया था कि वे दोपहर 12 बजे छीपीटोला में अपनी दुकान पर बैठे थे। तभी मंत्री कठेरिया अपने काफिले के साथ आए और बाजार बंद कराने के लिए कहा। बोले, बाजार बंद नहीं किया तो लूटमार हो जाएगी और गोलियां चलेंगी। उमेश चंद जैन का कहना था कि उन्होंने एतराज किया और पूछा कि बाजार में लूटमार कौन करेगा? तो कठेरिया भद्दी गालियां देने लगे। फिर बोले की बाजार बंद कर लो।
उनसे पूछा कि क्यों करें तो उनके समर्थक ने उन्हें जोर से थप्पड़ मारा जो उनकी आंख पर लगा। उन्होंने अपनी आंख पर चोट का निशान भी दिखाया। तहरीर देने के बाद उमेश चंद जैन ने जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। उनका कहना था कि उनकी आंख पर चोट आई है। वे मीडिया के कैमरों के सामने कठेरिया के खिलाफ जीभरकर बोले। थोड़ी देर बाद पुलिस ने मारपीट, अपशब्द बोलने और धमकी देने के आरोप में एनसीआर दर्ज कर ली।
लेकिन शाम को उमेश चंद जैन पलट गए। माना जा रहा है कि भाजपा नेताओं के दबाव में उन्होंने ऐसा किया। उन्होंने रकाबगंज थाना में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि अपशब्द मंत्री ने नहीं, भीड़ में से किसी अज्ञात व्यक्ति ने कहे थे। वे मंत्री और उनके समर्थकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।
लिखावट में अंतर
उमेश चंद जैन की ओर से दोपहर दी गई तहरीर और शाम को इसकी वापसी के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र की लिखावट में अंतर नजर आ रहा है। मात्रा लगाने का तरीका भी अलग-अलग है। इसके अलावा दोपहर की तहरीर में लूटमार शब्द लिखा था जबकि शाम को लूटपाट।
इस तरह वापस नहीं होती एनसीआर : एसएसपी
एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह का कहना है कि एक बार दर्ज कराए जाने के बाद एफआईआर या एनसीआर वापस नहीं ली जा सकती है। अगर दोनों पक्षों में समझौता हो जाता है, तो इसे लिखित में पुलिस के सामने नहीं, कोर्ट में देना होता है। पुलिस इस एनसीआर पर अपनी जांच करेगी। इसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
इनसेट
दोपहर का गुस्सा, शाम को शांत
उमेश चंद्र मामले में जैन समाज की राजधानी माने जाने वाले छीपीटोला में केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया के खिलाफ जैन समाज ने बुधवार को मोर्चा खोल दिया था। कठेरिया को जब इसकी जानकारी हुई तो इसे सुलझाने के लिए पूर्व डिप्टी मेयर नवीन जैन को भाजपा का दूत बनकर छीपीटोला भेजा गया। विधायक जगन प्रसाद गर्ग भी पहुंच गए। दोनों की घंटों की मेहनत सफल रही। उन्होंने समाज के लोगों के साथ बैठक कर मामले को शांत कराया।
केंद्रीय राज्यमंत्री के प्रतिनिधि शरद चौहान का कहना है कि राज्यमंत्री जब छिपीटोला पहुंचे थे तो वहां कुछ लोग बंद का विरोध कर रहे थे। इसमें अधिकांश लोग सपा के थे। इस भीड़ में उमेश चंद्र जैन भी मौजूद थे। किसी ने उनसे धक्का-मुक्की कर दी। तब तक मंत्री का काफिला आगे बढ़ चुका था।