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UP: आगरा-दिल्ली हाईवे का ये है ब्लैक स्पॉट, यहां से गुजरना सबसे ज्यादा खतरनाक; पिता-पुत्र की हो गई मौत

Tue, 11 Feb 2025 09:52 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा दिल्ली हाईवे के ब्लैक स्पाॅट ने पिता-पुत्र की जान ले ली। रामबाग फ्लाईओवर ये वो स्थान हैं, जहां से गुजरना बेहत खतरनाक है। इसे  ब्लैक स्पॉट इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यहां होने वाले हादसों में जान चली जाती है। 
 
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पिता-पुत्र के फाइल फोटो और पीएम हाउस पर मौजूद परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा- दिल्ली हाईवे के ब्लैकस्पाॅट ने एक और परिवार की खुशियां छीन लीं। रामबाग फ्लाईओवर पर सोमवार सुबह तेज रफ्तार ट्रक ने सेवानिवृत्त जेल वार्डर सूरज पाल (65) और उनके 18 वर्षीय बेटे को राैंद दिया। दोनों की माैके पर ही माैत हो गई। पिता बेटे को बाइक से फिरोजाबाद के काॅलेज में प्रयोगात्मक परीक्षा दिलाने ले जा रहे थे।
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हादसे की जानकारी से सेवानिवृत्त जेल वार्डर की पत्नी और बेटी का हालबेहाल है। एक तरफ घर का चिराग बुझ गया तो दूसरी तरफ परिवार को चलाने वाला नहीं बचा। मां-बेटी का दुख देखकर लोग भी रो पड़े।

 

घटना सोमवार सुबह तकरीबन 10:30 बजे की है। सेक्टर 12 डी, आवास विकास काॅलोनी निवासी सूरजपाल सिंह मुख्य बंदीरक्षक थे। वह जिला जेल फिरोजाबाद से सेवानिवृत्त हुए थे। बेटा राहुल कुमार फिरोजाबाद स्थित काॅलेज से पढ़ाई कर रहा था। सोमवार को उसकी इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षा थी। पिता सूरजपाल बेटे राहुल को बाइक से फिरोजाबाद लेकर जा रहे थे।


 

20 मिनट तक लगा जाम
हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर 20 मिनट तक जाम लग गया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। तब यातायात शुरू हो सका। राहगीरों ने हादसा करने वाले ट्रक का पीछा किया था। इस पर चालक उसे शाहदरा चुंगी के पास खड़ा करके भाग गया, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। थाना एत्माद्दौला के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि अज्ञात ट्रक चालक के विरुद्ध लापरवाही से वाहन चलाकर बाइक सवारों को टक्कर मारकर मृत्यु करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।

 
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बेहाल हो गईं मां-बेटी
हादसे की जानकारी सूरजपाल की पत्नी ब्रजेश देवी और बेटी खुशी को पुलिस ने दी थी। उन्हें बताया था कि पिता-पुत्र हादसे का शिकार हो गए। उन्हें एसएन मेडिकल काॅलेज इमरजेंसी ले जाया गया। दोनों इमरजेंसी पहुंच गईं। तब तक उन्हें सूरजपाल और राहुल की माैत की जानकारी नहीं थी। रिश्तेदार भी आ गए। उन्हें बताया गया कि शव पोस्टमार्टम गृह पर हैं। यह बात रिश्तेदार भी शुरुआत में मां-बेटी को बताने की हिम्मत नहीं कर सके। रिश्तेदार उन्हें पोस्टमार्टम गृह पर लेकर गए। जैसे ही रिश्तेदार ने उनकी माैत के बारे में बताया। दोनों बेहाल हो गईं। फूट-फूटकर रोने लगीं।
 
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