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ब्लैक फंगस: तेजी से बढ़ रही मरीजों की संख्या, एसएन मेडिकल कॉलेज में सात संक्रमित, तीन की हालत गंभीर

Sat, 22 May 2021 12:10 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि ब्लैक फंगस के मरीजों को तीन जगह भर्ती करने के इंतजाम किए गए हैं। कुल 44 बेड की व्यवस्था कर दी गई है।
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आगरा में कोरोना: एसएन मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या जिले में तेजी से बढ़ने लगी है। एसएन मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार शाम तक ब्लैक फंगस के सात मरीज मरीज भर्ती हो गए। इनमें से तीन गंभीर मरीजों की दशा अधिक खराब है। चिकित्सकों के लिए ज्यादा कुछ कर पाने की गुंजाइश नहीं बची है। इनका उपचार चल रहा है। 

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एसएन मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को दोपहर दो बजे ब्लैक फंगस के महज चार मरीज थे। देर शाम एक गंभीर मरीज को भर्ती कराया गया। शुक्रवार को दो और मरीज आए गए। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि तीन मरीजों की दशा अधिक खराब है। इनको इमरजेंसी और कोविड अस्पताल में अलग रखा गया है। वहीं, जिस महिला का गुरुवार को ऑपरेशन के बाद नमूना जांच के लिए भेजा गया था, उसमें ब्लैक फंगस की पुष्टि हो गई है। हालांकि उसकी स्थिति अभी ठीक है। 

44 बेड की व्यवस्था 
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि ब्लैक फंगस के मरीजों को तीन जगह भर्ती करने के इंतजाम किए गए हैं। कुल 44 बेड की व्यवस्था कर दी गई है। इसमें से 20 बेड कोविड हॉस्पिटल में, 20 बेड ईएनटी विभाग में और चार बेड मेडिसिन विभाग में हैं। ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए पहले से तैयारी कर ली गई है। 

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सभी मरीज दूसरे अस्पतालों से
एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती ब्लैक फंगस के सभी मरीज दूसरे अस्पतालों से ठीक होकर आए हैं। ये कोरोना संक्रमित हुए थे और रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी थी। बाद में ब्लैक फंगस के लक्षण आए हैं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य का कहना है कि एसएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमण का इलाज कराने वाले किसी मरीज में अभी तक ब्लैक फंगस की शिकायत नहीं है। उनका कहना है कि एसएन में मरीजों को लिक्विड ऑक्सीजन दी गई। दूसरे अस्पतालों में सिलिंडर से ऑक्सीजन दिया गया, ब्लैक फंगस के पीछे यह भी कारण हो सकता है कि इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन की शुद्धता का स्तर लिक्विड जितना नहीं होता।

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