मथुरा के फरह क्षेत्र में शनिवार को भारतीय किसान यूनियन के किसानों ने दिल्ली-आगरा हाईवे स्थित महुवन टोल पर कब्जा कर लिया। इस दौरान करीब एक घंटे तक वाहन बैगर टोल टैक्स के गुजरते रहे। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाकर टोल से हटाया।
दरअसल, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दौरान हर साल मथुरा में भारतीय किसान यूनियन का सम्मेलन आयोजित किया जाता है। इसमें राष्ट्रीय और प्रांतीय नेता प्रतिभाग करते हैं। इसी सम्मेलन में भाग लेने आ रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप के पुत्र के साथ 12 अगस्त को महुअन टोल पर कर्मचारियों ने अभद्रता कर दी थी।
इस घटना से आक्रोशित किसानों ने शनिवार को टोल पर पहुंचकर अपने वाहन एक तरफ खड़े कर दिए। टोल पर सैकड़ों किसान एकत्रित हो गए। करीब तीन घंटे के बाद दोपहर दो बजे टोल पर कब्जा कर लिया। टोल पर तैनात कर्मचारियों को मारपीट कर भगा दिया।
एक घंटे तक ट्रैक्स फ्री रहा टोल
किसानों ने टोल को कब्जे में लेते हुए टैक्स फ्री कर दिया। करीब एक घंटे तक दोनों ओर से आने-जाने वाले वाहन बगैर टोल टैक्स दिए गुजरने लगे। इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की। कुछ लोगों के हाथों में हथियार भी थे।
सूचना पर थाना पुलिस पहुंच गई। पहले इंस्पेक्टर फूल सिंह, एसआई उदयवीर सिंह मय पुलिस बल पहुंचे। बाद में रिफाइनरी पुलिस और फिर सीओ रिफाइनरी भी पहुंच गए। किसानों को समझाया गया। तब जाकर किसान टोल से हटे।
दोनों ओर से दी गई तहरीर
टोल विवाद में किसान और टोल प्रबंधन की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी गई है। किसान नेता योगेश द्वारा दी गई तहरीर में धर्मवीर, परसोत्तम, श्याम सिंह, देवेंद्र, ह्देश के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को कहा है।
वहीं टोल प्रबंधन की ओर से ओपी यादव ने तहरीर दी है, जिसमें किसान नेता हरेश ठैनुआ, भानुप्रताप, योगेश प्रताप, देवेंद्र पहलवान, डाक्टर प्रकाश, पवन समाधिया सहित 150 अन्य को आरोपी बनाया है।