दरअसल, केंद्र, प्रदेश व जिला स्तर पर संगठन में हुए बदलाव के साथ ही बड़े पैमाने पर दूसरे दलों के लोग पार्टी में शामिल हुए हैं। सभी के बीच तालमेल बढ़ाने, पार्टी की कथनी-करनी, नियम व विचारों से रूबरू कराने के लिए प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन कराया जा रहा है। पार्टी का मानना है कि दिनभर हुए प्रशिक्षण के बाद रात में जब कार्यकर्ता साथ बैठेंगे या खाना खाएंगे तो उनके बीच समन्वय बढ़ेगा।
हालांकि, मंडल स्तर पर आयोजित कराए गए प्रशिक्षण शिविर में रात के समय ज्यादातर कार्यकर्ता अपने घर चले गए। पार्टी को इसकी रिपोर्ट मिली तो बड़े नेताओं ने सख्त निर्देश जारी किए। अब जिला व महानगर स्तर के प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन पूर्व में पंजीकरण कराना आवश्यक किया गया है। साथ ही रात में निर्धारित स्थान पर ही रुकने के निर्देश को सख्ती से लागू करने के लिए कहा गया है।
व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग से टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें पार्टी के सरस एप पर हर गतिविधि को अपडेट करेंगे। इस नए नियम ने उन नेताओं की नींद उड़ा दी है जो अब तक प्रशिक्षण को महज एक औपचारिकता मानते थे।
निर्देशों का पालन कार्यकर्ताओं का है कर्तव्य
ब्रज क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य ने बताया कि पार्टी के प्रशिक्षण वर्ग के दौरान निर्देशों का पालन करना हर कार्यकर्ता का कर्तव्य है। प्रशिक्षण वर्ग की हर जानकारी व कार्यकर्ताओं की हाजिरी संबंधी जानकारी मुख्यालय से साझा की जा रही है। उनके निर्देश के अनुसार आगे कदम उठाए जाएंगे।