मोदी सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल की नाकामी गिनाने निकले समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से अनुमति लिए बगैर सुभाष पार्क से कलेक्ट्रेट तक गधा जुलूस निकाला। सपा ने न सिर्फ धारा-144 उल्लंघन किया, बल्कि राजनीतिक मर्यादा को ताक पर रख दिया।
उन्होंने गधों के गले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित कई बड़ नेताओं के फोटो लटका रखे थे। सबसे शर्मनाक यह रहा कि जुलूस की तरफ पुलिस ने पीठ घुमा ली तो प्रशासन न चुप्पी साध ली।
लोहिया वाहिनी के शहर अध्यक्ष रमाकांत लवानिया के नेतृत्व में कार्यकर्ता पूर्वाह्न 11 बजे सुभाष पार्क पर एकत्र हुए। जुलूस में पदाधिकारी अच्छे दिन कब आएंगे...., काला धन कब आएगा... जैसे नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी के कार्यालय तक पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे।
सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान ज्ञापन लेने आईं तो सत्ताधारी नेताओं ने कह दिया कि ज्ञापन डीएम को साहब को देंगे। जिलाधिकारी ने पांच लोगों को बुलाया और ज्ञापन ले लिया। डीएम आफिस में घुसने के लिए कई नेता तो पुलिसकर्मियों से भी उलझ गए। प्रदर्शन में नदीम मंसूरी, नदीम नूर, कायमउ्द्दीन राईन, शादाब खान, फिरोज खान, शाह मलिक, बनवारी लाल यादव, दिलीप बघेल आदि शामिल रहे।
अब जवाब भी सुन लीजिए...
जुलूस की अनुमति के संबंध में एडीएम सिटी से पूछा गया तो वे बोले, उन्हें जानकारी नहीं है। इधर, लोहिया वाहिनी के अध्यक्ष रमाकांत लवानिया ने इस सवाल पर कहा, अनुमति के लिए समय कहां था। रात में कार्यक्रम तय किया और सुबह प्रदर्शन। गधों को शामिल करने और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्तियों के फोटो लगाने पर उनका कहना था कि यह सांकेतिक था।