दरअसल, पार्टी पदाधिकारी बनने की प्रक्रिया के दौरान आगरा और ब्रज क्षेत्र में नाम तय होने को लेकर आखिरी वक्त तक भारी खींचतान मची रही। अगर बड़े चेहरों की बात करें तो आगरा के राम प्रताप सिंह और विजय शिवहरे इस बार भी जहां के तहां ही रह गए हैं, यानी उन्हें संगठन में आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल सका।
ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष रहे दुर्विजय सिंह शाक्य को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, पूर्व महापौर व हाथरस से विधायक अंजुला सिंह माहौर और प्रदेश उपाध्यक्ष रहे दिनेश शर्मा को भी इस बार नई सूची में कोई जगह नहीं मिल सकी है। इसके अलावा नोएडा के प्रभारी रहे प्रमोद गुप्ता और वरिष्ठ नेत्री निर्मला दीक्षित भी इस बार प्रदेश टीम में स्थान पाने से चूक गईं।
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बंगाल और बिहार चुनाव में जमकर पसीना बहाने वाले पूर्व महानगर अध्यक्ष भानु महाजन व मथुरा के नागेंद्र सिकरवार की संगठन में जगह मिलने की आस खत्म हो गई। पार्टी प्रभारी रहे अमित वाल्मीकि को भी संगठन में इस बार जगह नहीं मिली।
राष्ट्रीय अध्यक्ष की करीबी का मिला फल
फेरबदल के बीच मथुरा के मांठ से विधायक राजेश चौधरी बड़ा नाम बनकर उभरे हैं। पार्टी में सीधे महामंत्री बनाए जाने को उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का करीबी होने के परिणाम के रूप में देखा जा रहा है। राजेश के विधानसभा चुनाव के दौरान नवीन मांठ विधानसभा क्षेत्र प्रभारी थे। वहीं, बिहार चुनाव के दौरान राजेश ने नितिन नवीन के क्षेत्र में प्रभारी की भूमिका निभाई थी। फेरबदल में मैनपुरी की गीता शाक्य को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। महिला मोर्चा की अध्यक्ष रहीं गीता को अब प्रदेश महामंत्री बनाया गया है।
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